Cylinder New Update: LPG को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, गैस की सप्लाई के लिए बनाया 40000 करोड़ का प्लान
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान की जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक हुई तो भारत में गैस का संकट गहराया। लेकिन भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक योजना बनाई है, जो पूरी हुई तो न होर्मुज स्ट्रेट की जरूरत पड़ेगी और न ही गैस टैंकरों की टेंशन होगी। आइए जानते हैं कि आखिर भारत सरकार का प्लान क्या है?

मोदी सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए 40000 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम करना तेज कर दिया है। भारत की योजना खाड़ी देशों से गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए समुद्र के नीचे से एक सीधी पाइपलाइन बिछाने की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों से यह जानकारी मिली है और ओमान से भारत तक गैस पाइपलाइन का प्रस्ताव रखा गया है।
40000 करोड़ का पाइपलाइन प्रोजेक्ट
2 / 5ओमान से भारत तक प्रस्तावित मिडिल ईस्ट इंडिया डीप वाटर पाइपलाइन (MEIDP) प्रोजेक्ट की लागत करीब 40000 करोड़ रुपये है। इस पाइपलाइन की लंबाई 2000 किलोमीटर होगी, जो समुद्र के नीचे 3450 मीटर की गहराई में बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन को बिछाने में 5 से 7 साल का समय लग सकता है और यह ओमान को सीधे गुजरात तट से कनेक्ट करेगी।
प्रतिदिन ओमान से गैस सप्लाई होगी
3 / 5प्रोजेक्ट के अनुसार, पाइपलाइन के जरिए ओमान से भारत तक प्रतिदिन 31 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर नेचुरल गैस की सप्लाई होगी। भारत की प्राकृतिक गैस की मांग भी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में गैस की खपत 190-195 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर है, जिसके 2030 तक बढ़कर 290-300 होने का अनुमान है। इस सप्लाई को यही प्रोजेक्ट पूरा कर सकता है। यह भी पढ़ें: LPG Cylinder News Today: क्या घर में PNG Gas Pipeline लगवाना सच में LPG Cylinder से सस्ता है? जानिए खर्च, प्रोसेस और बड़ा फायदा
एक रिसर्च पर आधारित है प्रोजेक्ट
4 / 5केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाने के लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनियों GAIL, इंजीनियर्स इंडिया (EIL) और इंडियन ऑयल (IOC) को एक रिपोर्ट (DFR) तैयार करने का निर्देश देने वाला है। अंडरवाटर गैस पाइपलाइन 'द साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज' (SAGE) की प्री-फीजिबिलिटी रिसर्च पर बेस्ड प्रोजेक्ट है। SAGE ने डेमो पाइपलाइन बिछाकर रिसर्च की है।
टेस्टिंग पाइपलाइन बिछाई जा चुकी
5 / 5'द साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज' (SAGE) गैस पाइपलाइन के लिए समुद्री तल की स्थिति पर रिसर्च करने के लिए 25 करोड़ खर्च करके 3000 मीटर लंबी टेस्टिंग पाइपलाइन बिछाई है। नई तकनीक ने गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत को आसान बना दिया है। पाइपलाइन न केवल ओमान, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर से भी गैस सप्लाई सुनिश्चचित करेगी। यह भी पढ़ें: भीषण गर्मी से कहीं फट ना जाए LPG सिलेंडर! खाना बनाते वक्त ना करें ये 5 गलतियां