मोदी सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए 40000 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम करना तेज कर दिया है। भारत की योजना खाड़ी देशों से गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए समुद्र के नीचे से एक सीधी पाइपलाइन बिछाने की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों से यह जानकारी मिली है और ओमान से भारत तक गैस पाइपलाइन का प्रस्ताव रखा गया है।
40000 करोड़ का पाइपलाइन प्रोजेक्ट

2 / 5
ओमान से भारत तक प्रस्तावित मिडिल ईस्ट इंडिया डीप वाटर पाइपलाइन (MEIDP) प्रोजेक्ट की लागत करीब 40000 करोड़ रुपये है। इस पाइपलाइन की लंबाई 2000 किलोमीटर होगी, जो समुद्र के नीचे 3450 मीटर की गहराई में बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन को बिछाने में 5 से 7 साल का समय लग सकता है और यह ओमान को सीधे गुजरात तट से कनेक्ट करेगी।
एक रिसर्च पर आधारित है प्रोजेक्ट

4 / 5
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाने के लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनियों GAIL, इंजीनियर्स इंडिया (EIL) और इंडियन ऑयल (IOC) को एक रिपोर्ट (DFR) तैयार करने का निर्देश देने वाला है। अंडरवाटर गैस पाइपलाइन 'द साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज' (SAGE) की प्री-फीजिबिलिटी रिसर्च पर बेस्ड प्रोजेक्ट है। SAGE ने डेमो पाइपलाइन बिछाकर रिसर्च की है।
टेस्टिंग पाइपलाइन बिछाई जा चुकी

5 / 5
'द साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज' (SAGE) गैस पाइपलाइन के लिए समुद्री तल की स्थिति पर रिसर्च करने के लिए 25 करोड़ खर्च करके 3000 मीटर लंबी टेस्टिंग पाइपलाइन बिछाई है। नई तकनीक ने गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत को आसान बना दिया है। पाइपलाइन न केवल ओमान, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर से भी गैस सप्लाई सुनिश्चचित करेगी।
यह भी पढ़ें: भीषण गर्मी से कहीं फट ना जाए LPG सिलेंडर! खाना बनाते वक्त ना करें ये 5 गलतियां