Male Infertility Test: संतान न होना अक्सर महिलाओं से जुड़ी समस्या माना जाता है लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार करीब 40–50 प्रतिशत मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप लंबे समय से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रहे हैं और रिजल्ट नहीं दिख रहा है तो महिला ही नहीं बल्कि पुरुष को भी फर्टिलिटी टेस्ट करवाना चाहिए. VNA अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट- यूरोलॉजी एंड एंड्रोलॉजी, डॉ. विनीत मल्होत्रा बता रहे हैं मेल इंफर्टिलिटी, जिसे आम भाषा में बांझपन कहा जाता है, इसकी पुष्टि के लिए कौन से टेस्ट करवाए जा सकते हैं.
कब करानी चाहिए जांच?

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डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, अगर विवाह के एक वर्ष बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है तो दोनों पार्टनर की एक साथ जांच होनी चाहिए. वहीं, यदि पुरुष की उम्र 40 वर्ष से अधिक है या पहले से कोई यूरोलॉजिकल समस्या, सर्जरी या गंभीर बीमारी रही है तो जांच और भी जल्दी करानी चाहिए.
सीमेन एनालिसिस

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पुरुषों में बांझपन की जांच का पहला और सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट सीमेन एनालिसिस यानी वीर्य परीक्षण होता है. इससे शुक्राणुओं की संख्या, उनकी गतिशीलता, आकार और स्पर्म क्वालिटी का पता चलता है. कई बार इसी जांच से समस्या की पहचान हो जाती है और आगे के उपचार के बारे में सोचा जा सकता है.
हार्मोन की जांच

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यदि सीमेन रिपोर्ट सामान्य नहीं आती तो डॉक्टर हार्मोनल जांच की सलाह दे सकते हैं. इसमें टेस्टोस्टेरोन, FSH, LH और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन की जांच की जाती है. इन हार्मोन में गड़बड़ी होने पर शुक्राणु बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
अल्ट्रासाउंड और अन्य इमेजिंग टेस्ट

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कुछ पुरुषों में अंडकोष की नसों में सूजन (वेरिकोसील), रुकावट या अन्य संरचनात्मक समस्याएं होती हैं. ऐसे मामलों में स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड या अन्य इमेजिंग जांच की जाती है जिससे वास्तविक कारण का पता चल सके.
संक्रमण और अन्य जांच

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यदि डॉक्टर को संक्रमण की आशंका होती है तो यूरिन टेस्ट (Urine Test) या अन्य जांच कराई जा सकती हैं. कुछ मामलों में जेनेटिक टेस्ट भी जरूरी हो सकते हैं खासकर जब शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती.
कभी ना करें यह गलती

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डॉ. मल्होत्रा कहते हैं कि आज भी कई परिवारों में गर्भधारण न होने पर केवल महिला की जांच कराई जाती है जबकि पुरुष की जांच को नजरअंदाज कर दिया जाता है. यह सही सोच नहीं है. पुरुषों में सीमेन एनालिसिस एक सरल और महत्वपूर्ण जांच है जिससे कई समस्याओं का पता शुरुआती चरण में ही चल जाता है. जितनी जल्दी कारण की पहचान होगी, उपचार के परिणाम उतने ही बेहतर होंगे. इस बात का खास ध्यान रखें कि पुरुष को बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स या दवाएं लेने से बचना चाहिए. पहले जांच कराएं और फिर विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इलाज शुरू करें.
क्यों बढ़ रहे हैं मेल इंफर्टिलिटी के मामले

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विशेषज्ञों के अनुसार, धूम्रपान, अत्यधिक शराब, नशीले पदार्थों का सेवन, मोटापा, लगातार तनाव, नींद की कमी, लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना और अत्यधिक गर्म वातावरण में रहना भी शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है. इसलिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
विशेषज्ञ से कब मिलना चाहिए

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यदि एक वर्ष तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, सीमेन रिपोर्ट असामान्य आती है, अंडकोष में दर्द या सूजन रहती है, यौन संबंधी समस्या है या बचपन में अंडकोष से जुड़ी कोई सर्जरी हुई है तो बिना देरी किए यूरोलॉजिस्ट या एंड्रोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए.
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