Male Infertility जांचने के लिए कौन से टेस्ट करवाने चाहिए? डॉक्टर से जानिए जवाब

What Is Male Infertility: मेल इंफर्टिलिटी क्या है, पुरुषों में क्यों होती है और इसकी पुष्टि के लिए कौन से टेस्ट करवाने चाहिए जानिए यहां. विशेषज्ञ ने पूरा प्रोसेस एक्सप्लेन करके बताया है.

test for male infertility
1 / 9
test for male infertility

Male Infertility Test: संतान न होना अक्सर महिलाओं से जुड़ी समस्या माना जाता है लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार करीब 40–50 प्रतिशत मामलों में पुरुषों से जुड़े कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप लंबे समय से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रहे हैं और रिजल्ट नहीं दिख रहा है तो महिला ही नहीं बल्कि पुरुष को भी फर्टिलिटी टेस्ट करवाना चाहिए. VNA अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट- यूरोलॉजी एंड एंड्रोलॉजी, डॉ. विनीत मल्होत्रा बता रहे हैं मेल इंफर्टिलिटी, जिसे आम भाषा में बांझपन कहा जाता है, इसकी पुष्टि के लिए कौन से टेस्ट करवाए जा सकते हैं.

विज्ञापन

कब करानी चाहिए जांच?

कब करानी चाहिए जांच?2 / 9

डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, अगर विवाह के एक वर्ष बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है तो दोनों पार्टनर की एक साथ जांच होनी चाहिए. वहीं, यदि पुरुष की उम्र 40 वर्ष से अधिक है या पहले से कोई यूरोलॉजिकल समस्या, सर्जरी या गंभीर बीमारी रही है तो जांच और भी जल्दी करानी चाहिए.

विज्ञापन

सीमेन एनालिसिस

सीमेन एनालिसिस3 / 9

पुरुषों में बांझपन की जांच का पहला और सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट सीमेन एनालिसिस यानी वीर्य परीक्षण होता है. इससे शुक्राणुओं की संख्या, उनकी गतिशीलता, आकार और स्पर्म क्वालिटी का पता चलता है. कई बार इसी जांच से समस्या की पहचान हो जाती है और आगे के उपचार के बारे में सोचा जा सकता है.

हार्मोन की जांच

हार्मोन की जांच4 / 9

यदि सीमेन रिपोर्ट सामान्य नहीं आती तो डॉक्टर हार्मोनल जांच की सलाह दे सकते हैं. इसमें टेस्टोस्टेरोन, FSH, LH और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन की जांच की जाती है. इन हार्मोन में गड़बड़ी होने पर शुक्राणु बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

विज्ञापन

अल्ट्रासाउंड और अन्य इमेजिंग टेस्ट

अल्ट्रासाउंड और अन्य इमेजिंग टेस्ट5 / 9

कुछ पुरुषों में अंडकोष की नसों में सूजन (वेरिकोसील), रुकावट या अन्य संरचनात्मक समस्याएं होती हैं. ऐसे मामलों में स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड या अन्य इमेजिंग जांच की जाती है जिससे वास्तविक कारण का पता चल सके.

संक्रमण और अन्य जांच

संक्रमण और अन्य जांच6 / 9

यदि डॉक्टर को संक्रमण की आशंका होती है तो यूरिन टेस्ट (Urine Test) या अन्य जांच कराई जा सकती हैं. कुछ मामलों में जेनेटिक टेस्ट भी जरूरी हो सकते हैं खासकर जब शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती.

विज्ञापन

कभी ना करें यह गलती

कभी ना करें यह गलती 7 / 9

डॉ. मल्होत्रा कहते हैं कि आज भी कई परिवारों में गर्भधारण न होने पर केवल महिला की जांच कराई जाती है जबकि पुरुष की जांच को नजरअंदाज कर दिया जाता है. यह सही सोच नहीं है. पुरुषों में सीमेन एनालिसिस एक सरल और महत्वपूर्ण जांच है जिससे कई समस्याओं का पता शुरुआती चरण में ही चल जाता है. जितनी जल्दी कारण की पहचान होगी, उपचार के परिणाम उतने ही बेहतर होंगे. इस बात का खास ध्यान रखें कि पुरुष को बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स या दवाएं लेने से बचना चाहिए. पहले जांच कराएं और फिर विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इलाज शुरू करें.

क्यों बढ़ रहे हैं मेल इंफर्टिलिटी के मामले

क्यों बढ़ रहे हैं मेल इंफर्टिलिटी के मामले 8 / 9

विशेषज्ञों के अनुसार, धूम्रपान, अत्यधिक शराब, नशीले पदार्थों का सेवन, मोटापा, लगातार तनाव, नींद की कमी, लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना और अत्यधिक गर्म वातावरण में रहना भी शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है. इसलिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

विज्ञापन

विशेषज्ञ से कब मिलना चाहिए

विशेषज्ञ से कब मिलना चाहिए 9 / 9

यदि एक वर्ष तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है, सीमेन रिपोर्ट असामान्य आती है, अंडकोष में दर्द या सूजन रहती है, यौन संबंधी समस्या है या बचपन में अंडकोष से जुड़ी कोई सर्जरी हुई है तो बिना देरी किए यूरोलॉजिस्ट या एंड्रोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए. यह भी पढ़ें - खर्राटे भी दे सकते हैं बीमारी का संकेत, विशेषज्ञ ने बताया कब Snoring को नहीं समझना चाहिए मामूली

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन