Colon Cancer In Women:आंतों के कैंसर को एक समय पर बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था लेकिन अब कम उम्र में भी महिलाओं में आंतों के कैंसर के मामले देखने को मिल रहे हैं. महिलाओं में आंत का कैंसर (Aant Ka Cancer) बढ़ने के पीछे एक बड़ी वजह कैंसर के लक्षणों को समय रहते ना पहचान पाना है. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि महिलाओं में आंतों का कैंसर बढ़ने की वजह उनकी 5 गलतिया हैं. यहां जानिए डॉक्टर किन गलतियों का जिक्र कर रहे हैं.
लक्षण को पीरियड का दर्द समझना

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महिलाओं में आंतों के कैंसर के बढ़ने की एक बड़ी वजह है कि अगर आंतों की दिक्कत से जुड़े लक्षण महसूस भी होते हैं तो उन्हें पीरियड का दर्द कहकर टाल दिया जाता है. क्रैंप्स, पेट फूलना या बाउल मूवमेंट्स में बदलाव पर ध्यान नहीं दिया जाता. 4 में से 3 शुरुआती स्टेज के कैंसर की पहचान ही तब हो पाती है जब कैंसर गंभीर हो चुका होता है.
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाना

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जरूरत से ज्यादा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड् खाना माइक्रोबायोम डायवर्सिटी को बढ़ा देता है और क्रोनिक कोलन इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है जिससे कैंसर की संभावना बढ़ने लगती है. वहीं, महिलाओं के खानपान में फाइबर की कमी होना आंतों की दिक्कतों और फिर आंतों के कैंसर को बढ़ाने का काम करता है.
क्रोनिक स्ट्रेस होना

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महिलाओं में स्ट्रेस यानी तनाव का बढ़ना भी कैंसर की वजहों में शामिल है. कोर्टिसोल बढ़ने पर गट इंफ्लेमेशन और सेलुलर डैमेज बढ़ता है. आंतों की लाइनिंग पर हुई ये दिक्कतें कैंसर का कारण बनती हैं.
स्क्रीनिंग ना करवाना

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महिलाएं 45 साल की उम्र से पहले कैंसर स्क्रीनिंग नहीं करवाती हैं जबकि कैंसर उम्र नहीं देखता. अगर स्क्रीनिंग पहले ही करवाई जाए तो कैंसर को अर्ली स्टेज में पकड़ा जा सकता है.
वॉर्निंग साइन्स को नजरअंदाज करना

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महिलाओं में आंतों के कैंसर के वॉर्निंग साइन्स दिखने के बाद भी वे इन्हें इग्नोर करती रहती हैं, जैसे बिना वजह शरीर में थकान रहना, आयरन की कमी और बाउल मूवमेंट्स में बदलाव होना.