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Nail Prick Treatment: कई बार चलते वक्त पैरों में कील चुभ जाती है या हाथों में लग जाती है. अगर आपके साथ ऐसा हो तो इस वक्त क्या करें और किन बातों पर ध्यान दिया जाए, ताकि टिटनेस के इंफेक्शन से बचा जा सके. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कब टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी हो जाता है.
कील चुभने पर क्या होता है?

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कील चुभने पर चोट लग सकती है, लेकिन अगर कील जंग लगी है तो आपको ध्यान देने की जरूरत है. इससे आपको काफी नुकसान हो सकता है और इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ सकता है.
घाव वाले हिस्से को तुरंत साफ करें

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कहीं भी आने जाने से पहले घाव को अच्छी तरह से साफ करें. पानी से धोएं और हल्का साबुन लगाकर स्किन को धोएं. इससे बैक्टीरिया तुंरत बाहर निकल जाएंगे.
खून निकल रहा है तो दबाकर निकालें

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अगर कील ज्यादा अंदर तक गई है और इसकी वजह से खून निकल रहा है तो दबाकर और निकालें. फिर साफ कपड़े या गॉज से साफ करें. इससे ऊपरी गंदगी निकल जाएगी और ब्लीडिंग भी रूक जाएगी.
एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं

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खून रोकने के बाद आपको घाव पर एंटीसेप्टिक क्रीम या सॉल्यूशन लगाना चाहिए. इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और दर्द में भी आराम मिलता है.
घाव को ढककर रखें

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कई बार कील ज्यादा जोर से लग जाती है, जिसकी वजह से परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है. इसलिए घाव को ढक्कर रखें, पट्टी या बैंडेज बांधे, जिससे घाव पर गंदगी ना लगे.
पैर को ज्यादा दबाव से बचाएं

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कील चुभने के बाद कुछ समय तक ज्यादा चलने-फिरने या दबाव डालने से बचें. इससे दर्द और सूजन बढ़ सकती है. अगर हाथ में लगी है तो इससे बिल्कुल भी जोर वाला काम ना करें.
टिटनेस क्या है?

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टिटनेस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मिट्टी, जंग लगी चीजों या गंदगी में मौजूद बैक्टीरिया से फैल सकता है. यह बैक्टीरिया शरीर में घाव के जरिए प्रवेश करता है और नसों को प्रभावित कर सकता है.