Baccho Ka Khayal Kaise Rakhe: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है तो वहीं कई तरह की बीमारियां देने का काम करता है. इस मौसम में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार, डायरिया, वायरल इंफेक्शन और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. छोटे बच्चों की इम्यूनिटी पूरी तरह से मजबूत नहीं हो पाती, जिसकी वजह से बीमारियां लग जाती हैं.
सही फुटवियर चुनें

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बरसात में बच्चों को खुले चप्पलों की बजाय अच्छी पकड़ वाले और पानी से बचाने वाले फुटवियर पहनाएं। घर आने के बाद उनके पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि फंगल इंफेक्शन का खतरा कम हो सके.
खाना खिलाएं

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बारिश के मौसम में बासी या खुले में रखा हुआ खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए बच्चों को हमेशा ताजा, घर का बना और पौष्टिक खाना खाएं. उनकी डाइट में दाल, हरी सब्जियां, मौसमी फल, दही और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें.
उबला पानी पिलाएं

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इस मौसम में दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बच्चों को केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही दें.
हाथ धोएं

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बच्चों को खाना खाने से पहले, बाहर से आने के बाद और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत डालें.
मच्छरों से बचाव करें

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मानसून में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों को पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं, घर के आसपास पानी जमा न होने दें और जरूरत पड़ने पर बच्चों के लिए मच्छर भगाने वाली चीजों का इस्तेमाल करें.