मोबाइल पर हर दिन दर्जनों मैसेज आते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कई SMS के आखिर में P, S, T या G जैसे अक्षर लिखे होते हैं? ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये अक्षर बताते हैं कि मैसेज किस श्रेणी का है और उसे किस तरह भेजा गया है. स्पैम कॉल और फर्जी मैसेज पर रोक लगाने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने DLT (Distributed Ledger Technology) सिस्टम लागू किया है. इसके तहत कंपनियों और संस्थाओं को जनता को मैसेज भेजने से पहले खुद को रजिस्टर कराना होता है.
Header और Prefix सिस्टम कैसे काम करता है?

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DLT नियम के तहत हर रजिस्टर्ड संस्था को एक विशेष Header या Sender ID दी जाती है. इसी के साथ P, S, T और G जैसे कोड जोड़े जाते हैं. ये कोड बताते हैं कि मैसेज किस प्रकार का है और उसे भेजने वाले की पहचान सत्यापित है या नहीं.
'S' का मतलब है सर्विस से जुड़ा जरूरी अपडेट

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मैसेज के आखिर में S लिखा होने का मतलब Service Message होता है. इसमें बैंक बैलेंस अलर्ट, ATM ट्रांजैक्शन, OTP, ट्रेन या फ्लाइट टिकट कन्फर्मेशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हो सकती हैं. ये मैसेज आपकी किसी सेवा से संबंधित होते हैं.
'G' का मतलब

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अगर किसी SMS के आखिर में G लिखा हो तो वह Government Message होता है. ऐसे संदेश केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी सरकारी एजेंसी की ओर से भेजे जाते हैं. इनमें महत्वपूर्ण सरकारी सूचनाएं, अलर्ट या जनहित से जुड़ी जानकारी हो सकती है.
इन अक्षरों को नजरअंदाज न करें

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P, S, T और G सिर्फ साधारण अक्षर नहीं हैं, बल्कि वे यह पहचानने में मदद करते हैं कि आपके पास आया मैसेज विज्ञापन है, सर्विस अपडेट है, ट्रांजैक्शन से जुड़ा है या किसी सरकारी विभाग की ओर से भेजा गया है. इनकी जानकारी होने से आप फर्जी और असली मैसेज में फर्क आसानी से समझ सकते हैं.