अब साइबर फ्रॉड में उड़े पैसे वापस दिलाएगी सरकार, शुरू किया नया सिस्टम, जानिए रिफंड का तरीका

साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए बड़ी राहत आई है. गृह मंत्रालय ने नया सिस्टम लॉन्च किया है, जिसकी मदद से अब साइबर फ्रॉड के पीड़ित घर बैठे अपने फंसे हुए पैसे वापस पाने के लिए रिफंड रिक्वेस्ट कर सकते हैं. जानिए कौन कर सकता है आवेदन, क्या हैं नियम और कैसे मिलेगा रिफंड.

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देश में OTP स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और दूसरे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक नया सब-पोर्टल लॉन्च किया है. इसका नाम Mobile Restoration Module (MRM) है, जिसके जरिए साइबर फ्रॉड के शिकार लोग ऑनलाइन रिफंड की रिक्वेस्ट कर सकते हैं.

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क्या है Mobile Restoration Module (MRM)?

क्या है Mobile Restoration Module (MRM)?2 / 9

MRM को इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लॉन्च किया है. यह नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) का हिस्सा है. इसका मकसद पीड़ितों को बैंक और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना घर बैठे रिफंड के लिए आवेदन करने की सुविधा देना है.

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किन लोगों को मिलेगा रिफंड का फायदा?

किन लोगों को मिलेगा रिफंड का फायदा?3 / 9

MRM के जरिए रिफंड तभी मिल सकता है जब पीड़ित ने साइबर अपराध की शिकायत समय रहते 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई हो. इसके अलावा स्कैमर के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की गई रकम फ्रीज होना भी जरूरी है. यही दो मुख्य शर्तें तय की गई हैं. ये भी पढ़ें-यूजर्स की मौज! अब एक ही फोन में चलेंगे दो WhatsApp अकाउंट, बस ऐसे करनी होगी सेटिंग

50 हजार रुपये से कम रकम पर क्या नियम हैं?

50 हजार रुपये से कम रकम पर क्या नियम हैं?4 / 9

अगर स्कैमर के बैंक अकाउंट में फ्रीज की गई कुल राशि 50,000 रुपये से कम है, तो पीड़ित को FIR या कोर्ट ऑर्डर जमा करने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे मामलों में पुलिस शिकायत के आधार पर ही रिफंड की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.

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50 हजार से ज्यादा लेकिन अलग-अलग खातों में रकम

50 हजार से ज्यादा लेकिन अलग-अलग खातों में रकम5 / 9

दूसरी कैटेगरी उन मामलों की है, जहां कुल फ्रीज रकम 50,000 रुपये से अधिक हो, लेकिन वह कई बैंक खातों में बंटी हुई हो और किसी एक खाते में 50,000 रुपये से ज्यादा न हो. ऐसे मामलों में भी FIR और कोर्ट ऑर्डर की जरूरत नहीं होगी. ये भी पढ़ें- मोबाइल नेटवर्क अचानक गायब हो गए तो सावधान! कहीं आपके साथ SIM Swap फ्रॉड तो नहीं हो रहा? जानें कैसे बचें

कब जरूरी होगी FIR और कोर्ट ऑर्डर?

कब जरूरी होगी FIR और कोर्ट ऑर्डर?6 / 9

अगर किसी एक बैंक अकाउंट में फ्रीज की गई राशि 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो रिफंड के लिए FIR दर्ज कराना जरूरी होगा. आवेदन के बाद पुलिस पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज और नोटिस अपलोड करेगी. इसके बाद संबंधित बैंक सीधे पीड़ित के खाते में रकम ट्रांसफर करेगा. (Image Credit- AI)

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रिफंड के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

रिफंड के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?7 / 9

MRM पोर्टल पर आवेदन करने से पहले बैंक अकाउंट नंबर, पैन कार्ड की डिजिटल कॉपी, 14 अंकों की Complaint ID और NCRP में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर तैयार रखें. जरूरत पड़ने पर कोर्ट ऑर्डर की कॉपी भी अपलोड करनी पड़ सकती है. (Image Credit- AI)

ऐसे करें MRM पोर्टल पर रिफंड के लिए आवेदन

ऐसे करें MRM पोर्टल पर रिफंड के लिए आवेदन8 / 9

सबसे पहले MRM पोर्टल पर जाएं और Citizen Login विकल्प चुनें. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP की मदद से लॉगिन करें. इसके बाद Raise Refund Request सेक्शन में जाकर 14 अंकों की Complaint ID दर्ज करें. फिर पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड भरकर आवेदन सबमिट करें. (Image Credit- AI)

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आवेदन के बाद कैसे ट्रैक करें स्टेटस?

आवेदन के बाद कैसे ट्रैक करें स्टेटस?9 / 9

रिफंड रिक्वेस्ट जमा होने के बाद पोर्टल एक यूनिक Request ID जनरेट करेगा, जिसकी शुरुआत "MR2026" से होगी. इसी आईडी की मदद से यूजर अपने रिफंड आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे. (Image Credit- AI)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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