डिजिटल फ्रॉड पर RBI का बड़ा फैसला, पीड़ितों को मिलेगा 25,000 तक मुआवजा, जानें नियम

ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वालों के लिए RBI ने बड़ा कदम उठाया है. नए नियमों के तहत छोटे डिजिटल फ्रॉड मामलों में पीड़ितों को 85% तक मुआवजा मिलेगा. जानते हैं कैसे?

RBI
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छोटे डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा मुआवजा

छोटे डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा मुआवजा2 / 7

नए प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी के कारण 50,000 रुपए तक का नुकसान होता है तो उसे कुल नुकसान का अधिकतम 85 प्रतिशत तक मुआवजा मिल सकता है. हालांकि, इस मुआवजे की अधिकतम सीमा 25,000 रुपए तय की गई है. इसके अलावा, एक व्यक्ति अपने पूरे जीवन में केवल एक बार ही इस योजना का लाभ ले सकेगा.

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किन मामलों में मिलेगा लाभ

किन मामलों में मिलेगा लाभ3 / 7

यह नियम उन सभी मामलों पर लागू होगा जहां धोखाधड़ी के जरिए किसी का पासवर्ड या OTP चुराकर ट्रांजैक्शन किया गया हो. इसके अलावा ऐसे मामले भी इसमें शामिल होंगे जिनमें किसी व्यक्ति को दबाव डालकर या मजबूरी में ट्रांजैक्शन करने के लिए मजबूर किया गया हो. ये भी पढ़ें-  WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी, गलती से भी न खोलें ये फाइलें, वरना सीधे हैक होगा फोन-लैपटॉप

नियम कब से होंगे लागू

नियम कब से होंगे लागू4 / 7

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, यह संशोधित दिशा-निर्देश 1 जनवरी 2027 से लागू किए जाएंगे. इसके बाद सभी बैंक इन नए नियमों के तहत डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करेंगे और पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाएंगे.

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जांच की समय-सीमा तय

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नए फ्रेमवर्क के तहत बैंकों को देश के अंदर होने वाले डिजिटल फ्रॉड मामलों की जांच 45 कैलेंडर दिनों के भीतर पूरी करनी होगी. वहीं अंतरराष्ट्रीय या क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन वाले मामलों में जांच की समय सीमा 60 कैलेंडर दिनों की होगी. यदि इसमें देरी होती है तो बैंक को ग्राहक को इसका कारण बताना अनिवार्य होगा. ये भी पढ़ें- चलते-चलते हैंग क्यों हो जाता है फोन, क्या हो सकते हैं कारण, इसे कैसे करें ठीक?

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड पर तुरंत राहत

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड पर तुरंत राहत6 / 7

 क्रेडिट कार्ड से जुड़े धोखाधड़ी वाले मामलों में बैंक को ग्राहक द्वारा शिकायत मिलने के पांच दिनों के भीतर विवादित राशि के बराबर अस्थायी रिवर्सल यानी शैडो रिफंड देना होगा. इससे ग्राहकों को तुरंत राहत मिल सकेगी और उनका नुकसान अस्थायी रूप से कम हो जाएगा.

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अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा नियम

अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा नियम7 / 7

RBI ने 500 रुपए से अधिक के सभी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन पर तुरंत SMS अलर्ट भेजने की व्यवस्था को जारी रखा है. खास बात यह है कि जिन ग्राहकों के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उनके लिए SMS ही बैंकिंग जानकारी पाने का एकमात्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम रहेगा. ( Images Credit-Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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