स्मार्टफोन का हैंग होना एक आम समस्या है, खासकर पुराने डिवाइस में. जब फोन हैंग हो जाता है तो कॉल करना, मैसेज भेजना या किसी ऐप का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है. इमरजेंसी के समय यह परेशानी और बढ़ सकती है. आइए जानते हैं कि फोन हैंग होने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है.
स्टोरेज भरने से बढ़ सकती है परेशानी

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फोन की इंटरनल स्टोरेज लगभग भर जाने पर डिवाइस के लिए नए डेटा को मैनेज करना और ऐप्स को सही तरीके से चलाना कठिन हो जाता है. ऐसी स्थिति में फोन पहले धीमा पड़ता है और बाद में कई बार हैंग भी होने लगता है.
स्टोरेज खाली रखने से मिलेगा फायदा

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अगर फोन की स्पीड कम हो रही है तो सबसे पहले गैर-जरूरी फाइल्स हटाएं. डुप्लीकेट फोटो, बेकार वीडियो, डाउनलोड किए गए अनावश्यक दस्तावेज और लंबे समय से इस्तेमाल न हो रहे ऐप्स को डिलीट करने से स्टोरेज खाली होगी और फोन बेहतर तरीके से काम कर सकेगा.
बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स भी बन सकती हैं वजह

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कई ऐप्स को बंद करने के बाद भी वे पूरी तरह बंद नहीं होतीं. ये बैकग्राउंड में लगातार काम करती रहती हैं और रैम के साथ बैटरी की भी खपत करती हैं. ज्यादा बैकग्राउंड एक्टिविटी फोन की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकती है.
बैकग्राउंड एक्टिविटी को करें कंट्रोल

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जब एक साथ कई ऐप्स बैकग्राउंड में सक्रिय रहती हैं और यूजर किसी भारी ऐप या मल्टीटास्किंग का इस्तेमाल करता है, तब प्रोसेसर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है. इससे सिस्टम को सभी काम संभालने में दिक्कत होती है और फोन हैंग होने की संभावना बढ़ जाती है. फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित किया जा सकता है. जिन ऐप्स की जरूरत कम होती है, उनकी बैकग्राउंड परमिशन बंद करने से रैम और प्रोसेसर पर दबाव कम पड़ता है.
हार्डवेयर खराबी भी हो सकती है कारण

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पुराने स्मार्टफोन में बैटरी, स्क्रीन या अन्य हार्डवेयर पार्ट्स समय के साथ कमजोर होने लगते हैं. इसका सीधा असर डिवाइस की कार्यक्षमता पर पड़ता है और फोन पहले की तुलना में धीमा या हैंग होने लगता है. यदि बैटरी ठीक से पावर सप्लाई नहीं कर पा रही है तो फोन का परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा फोन के गिरने, नमी लगने या किसी अन्य कारण से इंटरनल कनेक्शन और वायरिंग प्रभावित हो जाए तो भी डिवाइस की स्पीड कम हो सकती है.
कब रिपेयर करें और कब बदलें फोन?

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कुछ मामलों में हार्डवेयर से जुड़ी समस्याओं को रिपेयर करके ठीक किया जा सकता है. हालांकि यदि फोन काफी पुराना हो चुका है और लगातार परफॉर्मेंस से जुड़ी दिक्कतें आ रही हैं, तो नया डिवाइस लेना अधिक बेहतर और सुविधाजनक विकल्प हो सकता है. (Images Credit-Magnific)