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Popular TV Show: भारतीय सिनेमा के कई ऐसे शोज रहे हैं, जिन्होंने ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि उनकी आज भी चर्चा होती है. आज हम आपको 38 साल पुराने एक ऐसे ही शो के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं...
ना रामायण, ना महाभारत

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दरअसल, हम जिस शो की बात कर रहे हैं, वो ना तो 'रामायण' है और ना ही 'महाभारत'. पुराने शोज की जब बात होती है, तो सबसे पहले हर किसी के मन में इन्हीं दोनों शोज का नाम आता है, लेकिन हम जिसकी बात कर रहे हैं, वो ये दोनों नहीं हैं.
प्रधानमंत्री ने दिया था सुझाव

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ये शो कोई और नहीं बल्कि साल 1988 में मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल का शो ‘भारत एक खोज’ है, जिसका सुझाव उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा दिया गया था.
The Discovery of India

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बता दें कि ये शो पंडित जवाहरलाल नेहरू की फेमस बुक The Discovery of India पर बेस्ड था. श्याम बेनेगल ने पीएम के इस सुझाव को तुरंत स्वीकार कर लिया था. इसके बाद इस शो की गहरी रिसर्च और मजबूत प्लानिंग की गई.
फैक्ट्स के आधार तैयार हुआ शो

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'भारत की खोज' की स्क्रिप्टिंग में लगभग 25 राइटर्स और 35 हिस्टोरियंस की टीम ने काम किया था. शो को लिखने में किसी गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी. इसलिए हर एपिसोड को फैक्ट्स के आधार पर लिखा गया था. शो की स्क्रिप्ट राइटिंग लेखन शमा जैदी की अगुआई में हुई थी.
350 नए कलाकारों ने की शुरुआत

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इस शो को बनाने में लगभग 11 महीने और 17 दिन का टाइम लगा था और सीरियल ‘भारत एक खोज' में लगभग 53 एपिसोड थे. इसके अलावा शो में लगभग 350 नए कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत की थी.
मंझे हुए कलाकार

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बता दें कि ‘भारत एक खोज' को हर संडे सुबह 11 बजे टेलीकास्ट किया जाता था. सभी को शो के आने का इंतजार रहता था. शो में नसीरुद्दीन शाह, अमरीश पुरी, शबाना आजमी, मीता वशिष्ठ, पल्लवी जोशी, लकी अली, ईला अरुण, पीयूष मिश्रा और इरफान खान जैसे मंझे हुए कलाकार नजर आए थे.