घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मचे भूचाल के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सोना और चांदी की बेस इम्पोर्ट प्राइस (आधार आयात मूल्य) में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार का यह फैसला महज 3 दिन पहले टैक्स दरों में की गई कटौती के ठीक बाद आया है। सरकार के इस कदम से अब देश में सोने-चांदी के आयात (Import) पर ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। आइए, समझते हैं कि सरकार ने कितने दाम बढ़ाए हैं और इसका बाजार पर क्या असर होगा।
सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस बढ़ा: अब प्रति 10 ग्राम चुकाना होगा इतना दाम

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बदलती चाल को देखते हुए सरकार ने इसके आयात मूल्य में संशोधन किया है। केंद्र सरकार ने अब सोने की बेस इम्पोर्ट प्राइस को बढ़ाकर 1,348 डॉलर ($1,348) प्रति 10 ग्राम कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से खरीदता है। इसी इम्पोर्ट प्राइस के आधार पर सरकार सीमा शुल्क (Customs Duty) की गणना करती है, यानी अब प्रति 10 ग्राम सोने के आयात पर ज्यादा टैक्स देना होगा।
चांदी की बेस प्राइस में भी भारी उछाल: इम्पोर्ट करना हुआ और महंगा

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सोने के नक्शेकदम पर चलते हुए सरकार ने चांदी के आयात नियमों को भी सख्त कर दिया है। चांदी के लिए बेस इम्पोर्ट प्राइस को बढ़ाकर 2,175 डॉलर ($2,175) प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। घरेलू बाजार में चांदी पहले ही ₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी है। अब इस सरकारी फैसले से चांदी की बची-खुची नरमी भी खत्म हो सकती है।
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यू-टर्न: महज 3 दिन पहले सरकार ने दी थी राहत, अब फिर बढ़ाए दाम

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बाजार विशेषज्ञ सरकार के इस फैसले को एक बड़े यू-टर्न के रूप में देख रहे हैं। बता दें कि ठीक 3 दिन पहले ही सरकार ने आयात शुल्क के इस आधार मूल्य में कटौती की थी, जिससे बाजार को राहत मिलने की उम्मीद थी। वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई हालिया मजबूती (94.68/$ का स्तर) के बीच आयात के संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।
आम जनता और सराफा बाजार पर क्या होगा इसका सीधा असर?

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शादी-ब्याह के सीजन में इस सरकारी फैसले का बाजार और आपकी जेब पर सीधा असर दिखने वाला है। बेस इम्पोर्ट प्राइस बढ़ने का सीधा मतलब है कि स्थानीय ज्वेलर्स और आयातकों के लिए सोना-चांदी मंगाना महंगा हो जाएगा। इसकी भरपाई वे ग्राहकों से करेंगे, जिससे रिटेल बाजार में आभूषण और महंगे हो सकते हैं। अगर आप सोने या चांदी की शुद्धता की जांच करना चाहते हैं, तो हमेशा 6 अंकों वाले HUID हॉलमार्क और पक्के जीएसटी (GST) बिल के साथ ही खरीदारी करें।