Vaibhav Sooryavanshi Net Worth: 15 साल की उम्र में ₹7 करोड़ की कमाई! जानें नाबालिगों की कमाई पर कैसे लगता है इनकम टैक्स; क्या हैं नियम
Cricketer Vaibhav Sooryavanshi Net Worth: वैभव सूर्यवंशी इन दिनों काफी चर्चा में हैं। लेकिन इसके पीछे उनकी बैटिंग ही नहीं है, बल्कि उनकी कमाई भी है। 15 साल की उम्र में वैभव ने 7 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। क्या आप जानते हैं कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों की खेल, एक्टिंग या यूट्यूब से होने वाली कमाई पर टैक्स के क्या हैं नियम? यहां जानें।

सिर्फ 15 साल की उम्र में करीब ₹7 करोड़ की अनुमानित नेटवर्थ बनाकर युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी इन दिनों सुर्खियों में हैं। IPL अर्निंग्स, लीग कॉन्ट्रैक्ट्स और ब्रैंड एंडोर्समेंट के जरिए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब कोई नाबालिग (18 साल से कम उम्र का बच्चा) इतनी बड़ी रकम कमाता है, तो टैक्स का गणित कैसे काम करता है? आम तौर पर बच्चों की कमाई माता-पिता की इनकम में जोड़ दी जाती है, लेकिन वैभव जैसे टैलेंटेड बच्चों के लिए कानून में एक बहुत बड़ा अपवाद (Exception) है. आइए, समझते हैं नाबालिगों से जुड़े इनकम टैक्स के नियम।
आम तौर पर बच्चों की कमाई पर पैरेंट्स को देना होता है टैक्स
2 / 5इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 64(1A) के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के बच्चे को होने वाली किसी भी कमाई को माता-पिता में से उस पैरेंट की इनकम में जोड़ (Club) दिया जाता है, जिसकी सालाना टैक्सेबल इनकम ज्यादा होती है। अगर बच्चे की सालाना कमाई 1500 रुपये से कम है, तो यह पूरी तरह टैक्स फ्री है। सेक्शन 10(32) के तहत पैरेंट इस पर 1500 रुपये की छूट क्लेम कर सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा होने पर बची हुई रकम पर पैरेंट को अपने स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ता है।
माता-पिता के अलग होने या न रहने पर क्या कहता है टैक्स कानून?
3 / 5अगर माता-पिता का तलाक हो चुका है, तो नाबालिग बच्चे की कमाई को उस पैरेंट की सालाना इनकम में जोड़ा जाता है, जिसके पास बच्चे की कस्टडी (Custody) होती है। अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति में बच्चे के माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं, तो बच्चे की कमाई को उसके गार्जियन (अभिभावक) की इनकम में नहीं जोड़ा जाता। ऐसे में बच्चे के नाम पर एक अलग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किया जाता है। इसके अलावा, सेक्शन 80U के तहत आने वाले दिव्यांग बच्चों की कमाई भी माता-पिता की इनकम में नहीं जुड़ती है।
खुद के हुनर या खेल से हुई कमाई पर बच्चों को खुद देना होगा टैक्स!
4 / 5अगर कोई नाबालिग बच्चा अपनी खुद की कला, खेल, विशेष ज्ञान, दिमागी हुनर या मेहनत से पैसा कमाता है (जैसे- क्रिकेट, चेस, एक्टिंग, सिंगिंग, यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन या ब्रैंड एंडोर्समेंट), तो वह कमाई माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ी जाती। वैभव सूर्यवंशी पर क्यों लागू हुआ यह नियम: क्योंकि वैभव अपनी क्रिकेट स्किल्स और टैलेंट के दम पर कमाई कर रहे हैं, इसलिए उनकी इनकम उनके माता-पिता की आय में नहीं जुड़ेगी। उन पर खुद टैक्स लायबिलिटी बनेगी। यही नियम बाल कलाकारों और रियलिटी शो (जैसे मास्टरशेफ) के प्रतिभागियों पर भी लागू होता है।
नाबालिग बच्चे कैसे भरते हैं अपना ITR? जानें कौन सा फॉर्म है जरूरी
5 / 5टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अपने टैलेंट से कमाने वाले नाबालिगों की आय पर भी एक सामान्य टैक्सपेयर की तरह ही नॉर्मल टैक्स स्लैब रेट लागू होते हैं। टूर्नामेंट अर्निंग्स या स्पॉन्सरशिप को बिजनेस या प्रोफेशन के लाभ (PGBP) के तहत रिपोर्ट किया जाता है। प्रोफेशनल सर्विसेज या खेल से जुड़े बिजनेस के लिए आमतौर पर ITR-3 फॉर्म का इस्तेमाल होता है, जबकि प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के लिए ITR-4 चुना जा सकता है। यह रिटर्न बच्चे के नाम पर ही भरा जाता है, लेकिन इसमें माता-पिता या कानूनी गार्जियन एक प्रतिनिधि करदाता (Representative Assessee) के रूप में साइन करते हैं।