देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है और कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. ऐसे मौसम में बड़ी संख्या में लोग कार से पहाड़ी इलाकों की सैर पर निकलते हैं. हालांकि बारिश में ड्राइविंग का मजा अलग होता है, लेकिन इस दौरान कार की देखभाल भी बेहद जरूरी होती है. खासकर टायर में सही एयर प्रेशर न होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.
मानसून में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर?

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सामान्य तौर पर ज्यादातर कारों के लिए 30 से 35 PSI के बीच टायर प्रेशर सही माना जाता है. लेकिन बारिश के मौसम में एक्सपर्ट्स सामान्य प्रेशर से करीब 2 से 3 PSI कम हवा रखने की सलाह देते हैं. यानी अगर आपकी कार के लिए 35 PSI तय है, तो मानसून में इसे लगभग 31 से 32 PSI तक रखा जा सकता है.
हर कार के लिए एक जैसा प्रेशर सही नहीं होता

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टायर प्रेशर का कोई एक नियम सभी कारों पर लागू नहीं होता. अलग-अलग मॉडल और टायर के हिसाब से कंपनी अलग प्रेशर तय करती है. सही जानकारी के लिए हमेशा कार की ओनर मैनुअल देखें. इसके अलावा ड्राइवर साइड डोर फ्रेम पर लगे स्टीकर पर भी सही टायर प्रेशर की जानकारी दी जाती है. मानसून में प्रेशर बदलने से पहले कंपनी की सलाह जरूर देखें. ये भी पढ़ें- बाइक की पीछे वाली सीट इतनी ऊंची क्यों होती है? नहीं जानते होंगे असली हैरान करने वाली वजह
ज्यादा या कम हवा, दोनों ही नुकसानदायक

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टायर में जरूरत से ज्यादा हवा भरने पर सड़क के साथ उसका संपर्क कम हो जाता है, जिससे बारिश में ग्रिप कमजोर पड़ सकती है. वहीं बहुत कम प्रेशर होने पर टायर जल्दी घिसता है, माइलेज कम हो सकता है और वाहन की हैंडलिंग भी प्रभावित होती है. कम हवा में स्टीयरिंग भारी लग सकता है, जबकि ज्यादा हवा होने पर कार उछलती हुई महसूस हो सकती है.
मौसम बदलने पर बदल सकता है टायर प्रेशर

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मानसून के दौरान तापमान और मौसम में लगातार बदलाव होता रहता है, जिसका असर टायर के एयर प्रेशर पर भी पड़ता है. इसलिए विशेषज्ञ समय-समय पर टायर प्रेशर की जांच कराने की सलाह देते हैं, ताकि गाड़ी की ग्रिप और सुरक्षा बनी रहे.
नियमित जांच से बढ़ेगी सुरक्षा

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आजकल कई नई कारों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) दिया जाता है, जो प्रेशर कम या ज्यादा होने पर तुरंत जानकारी देता है. अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है, तो पेट्रोल पंप या सर्विस सेंटर पर नियमित रूप से टायर प्रेशर चेक कराते रहें. सही एयर प्रेशर न सिर्फ सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करता है, बल्कि टायर की उम्र और वाहन की परफॉर्मेंस भी बेहतर बनाए रखता है. (Images Credit-Magnific)