बारिश में टायर में कितनी हवा रखें? एक छोटी गलती बना सकती है हादसे की वजह, जानिए सही PSI

क्या आप भी बारिश के मौसम में बिना टायर प्रेशर चेक किए कार चला रहे हैं? मानसून में टायर में ज्यादा या कम हवा दोनों ही खतरनाक साबित हो सकती हैं. जानिए बारिश के दौरान कितना PSI रखना सही है.

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देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है और कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. ऐसे मौसम में बड़ी संख्या में लोग कार से पहाड़ी इलाकों की सैर पर निकलते हैं. हालांकि बारिश में ड्राइविंग का मजा अलग होता है, लेकिन इस दौरान कार की देखभाल भी बेहद जरूरी होती है. खासकर टायर में सही एयर प्रेशर न होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है.

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मानसून में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर?

मानसून में कितना होना चाहिए टायर प्रेशर?2 / 7

सामान्य तौर पर ज्यादातर कारों के लिए 30 से 35 PSI के बीच टायर प्रेशर सही माना जाता है. लेकिन बारिश के मौसम में एक्सपर्ट्स सामान्य प्रेशर से करीब 2 से 3 PSI कम हवा रखने की सलाह देते हैं. यानी अगर आपकी कार के लिए 35 PSI तय है, तो मानसून में इसे लगभग 31 से 32 PSI तक रखा जा सकता है.

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कम प्रेशर रखने का क्या फायदा होता है?

कम प्रेशर रखने का क्या फायदा होता है?3 / 7

बारिश के मौसम में थोड़ा कम टायर प्रेशर रखने से टायर का सड़क के साथ संपर्क क्षेत्र बढ़ जाता है. इससे गीली सड़क पर ग्रिप बेहतर मिलती है और ब्रेक लगाने के दौरान कार के फिसलने की संभावना भी कम हो जाती है. यही वजह है कि कई विशेषज्ञ मानसून में हल्का कम प्रेशर रखने की सलाह देते हैं. ये भी पढ़ें- कल लॉन्च होगी Tata Sierra EV, 500Km+ रेंज और धांसू फीचरस साथ होगी एंट्री, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ कन्फर्म

हर कार के लिए एक जैसा प्रेशर सही नहीं होता

हर कार के लिए एक जैसा प्रेशर सही नहीं होता4 / 7

टायर प्रेशर का कोई एक नियम सभी कारों पर लागू नहीं होता. अलग-अलग मॉडल और टायर के हिसाब से कंपनी अलग प्रेशर तय करती है. सही जानकारी के लिए हमेशा कार की ओनर मैनुअल देखें. इसके अलावा ड्राइवर साइड डोर फ्रेम पर लगे स्टीकर पर भी सही टायर प्रेशर की जानकारी दी जाती है. मानसून में प्रेशर बदलने से पहले कंपनी की सलाह जरूर देखें. ये भी पढ़ें- बाइक की पीछे वाली सीट इतनी ऊंची क्यों होती है? नहीं जानते होंगे असली हैरान करने वाली वजह

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ज्यादा या कम हवा, दोनों ही नुकसानदायक

ज्यादा या कम हवा, दोनों ही नुकसानदायक5 / 7

टायर में जरूरत से ज्यादा हवा भरने पर सड़क के साथ उसका संपर्क कम हो जाता है, जिससे बारिश में ग्रिप कमजोर पड़ सकती है. वहीं बहुत कम प्रेशर होने पर टायर जल्दी घिसता है, माइलेज कम हो सकता है और वाहन की हैंडलिंग भी प्रभावित होती है. कम हवा में स्टीयरिंग भारी लग सकता है, जबकि ज्यादा हवा होने पर कार उछलती हुई महसूस हो सकती है.

 मौसम बदलने पर बदल सकता है टायर प्रेशर

 मौसम बदलने पर बदल सकता है टायर प्रेशर6 / 7

मानसून के दौरान तापमान और मौसम में लगातार बदलाव होता रहता है, जिसका असर टायर के एयर प्रेशर पर भी पड़ता है. इसलिए विशेषज्ञ समय-समय पर टायर प्रेशर की जांच कराने की सलाह देते हैं, ताकि गाड़ी की ग्रिप और सुरक्षा बनी रहे.

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नियमित जांच से बढ़ेगी सुरक्षा

नियमित जांच से बढ़ेगी सुरक्षा7 / 7

आजकल कई नई कारों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) दिया जाता है, जो प्रेशर कम या ज्यादा होने पर तुरंत जानकारी देता है. अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है, तो पेट्रोल पंप या सर्विस सेंटर पर नियमित रूप से टायर प्रेशर चेक कराते रहें. सही एयर प्रेशर न सिर्फ सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करता है, बल्कि टायर की उम्र और वाहन की परफॉर्मेंस भी बेहतर बनाए रखता है. (Images Credit-Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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