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26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस? आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ था खास

26 January History: अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर 26 जनवरी के ही दिन गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? इस सवाल को लेकर कई लोगों के मन में कंफ्यूजन रहती है, जो आज हम दूर कर देंगे. आइए जानते हैं इस सवाल का सीधा जवाब.

Author Written By: Azhar Naim Updated: Jan 15, 2026 13:10
Why India Celebrate 26 January
26 जनवरी के दिन क्या हुआ था?

Why Republic Day Celebrated on 26 January: आज से कुछ ही दिनों के बाद पूरा भारत देश गणतंत्र दिवस (Republic Day) की खुशी में मगन हो जाएगा. यह दिन हर भारतीय के लिए बहुत खास है, भले वो भारत में रहते हो या विदेश में. इस दिन को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर इस दिन ऐसा क्या खास हुआ था कि हम इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं? यानी 26 जनवरी के दिन भारत की इस मिट्टी पर ऐसा क्या हुआ था, जिसने इस दिन को भारतीयों के लिए एक इतना जरूरी दिन बना दिया? इस सवाल का जवाब हर भारतीय को मालूम होना चाहिए. अगर आप थोड़ा कंफ्यूज हैं, तो चलिए इसका सीधा और आसान जवाब जानते हैं.

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26 जनवरी के दिन ऐसा क्या हुआ कि यह दिन कहलाने लगा ‘गणतंत्र दिवस’

आज से 77 साल पहले 26 जनवरी 1950 को इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया था. यानी की यह दिन उत्सव है लोकतंत्र का और उत्सव है संविधान का. दरअसल, 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद, देश को आधिकारिक संविधान की बहुत जरूरत थी. इसलिए 29 अगस्त 1947 को संविधान (Constitution) का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाई गई, जिसका नेतृत्व डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) ने किया. इस समिति में कई बड़े लोग शामिल थे, जैसे के.एम. मुंशी, मुहम्मद सादुल्लाह, अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर, गोपाला स्वामी अयंगार, एन. माधव राव, और टी.टी. कृष्णमाचारी.

कई बदलाव और चर्चा से बना भारत का संविधान

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साल 1947 को 4 नवंबर के दिन संविधान का मसौदा तैयार होकर संविधान सभा में पेश किया गया, जहां अगले 2 सालों तक खूब चर्चा हुई, बैठकें हुई और कई बदलाव भी किए गए, ताकि यह सविंधान न्याय, भरोसा, इक्वलिटी आदि हर मायने में लोगों को इससे जोड़े. फिर 24 जनवरी 1950 के दिन इस संविधान को स्वीकार कर लिया गया और 308 सदस्यों ने संविधान की दो प्रतियों पर हस्ताक्षर किए. एक हिंदी में और दूसरी अंग्रेजी में. इस कदम ने भारत को एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में स्थापित किया.

24 जनवरी को हुआ स्वीकार थो 26 तरीख को क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

रिपोर्ट्स बताते हैं कि संविधान सभा ने तय किया कि संविधान को लागू करने के लिए दो दिन और इंतजार किया जाएगा और फिर 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान देशभर में लागू हुआ. इस तारीख का महत्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से मिलता है. इस दिन कांग्रेस ने अपने लाहौर सत्र के दौरान 26 जनवरी 1930 को ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वाराज के रूप में नामित किया था और सभी भारतीयों को इसे स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का आग्राह किया. सत्र के दौरान ही पहली बार तिरंगा फहराया गया था. इस सत्र के 20 सालों बाद, 26 जनवरी 1950 को ही देश का संविधान बनकर तैयार हुआ और उसे लागू किया गया. यही वजह है कि इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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First published on: Jan 15, 2026 01:04 PM

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