Relationship Tips: व्यक्ति किसी से प्यार में पड़ता है या रिश्ते में आता है तो चाहता है कि प्यार हमेशा एक सा बना रहे. रिश्ता मजबूत होने की पहचान ही यह है कि व्यक्ति बेहतर तरह से अपने पार्टनर से अपने मन की बात कह सकता है, उसके सामने रो सकता है और उसके साथ असल खुशी महसूस करता है. लेकिन, अगर रिश्ता मजबूत नहीं होगा तो भला व्यक्ति पार्टनर के सामने कमजोर कैसे होगा. कई बार जाने-अनजाने में कपल्स ऐसी गलतियां कर देते हैं जो उनके रिश्ते को कमजोर करती हैं. ऐसे में हिपनोथेरेपिस्ट प्रतीक बजाज बताते हैं कि किस तरह आप अपने रिश्ते को मजबूत (Strong Relationship) बना सकते हैं. थेरेपिस्ट के बताए ये 2 गोल्डन रूल्स आपके रिश्ते के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं.
कैसे बनेगा रिश्ता मजबूत
पहला रूल – थेरेपिस्ट की सलाह है कि झगड़े हमेशा बंद दरवाजे के पीछे करने और सुलझाने चाहिए. बेडरूम में, बाल्कनी में या कहीं और आप लड़-झगड़ सकते हैं. लेकिन, कभी भी रिश्तेदारों, दोस्तों या बच्चों के सामने कभी नहीं लड़ना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि रिस्पेक्ट अगर पब्लिक में गिर गई तो वो वापस नहीं आती है. इसीलिए अगर किसी के सामने इमेज खराब होती है तो वह हमेशा वैसी ही रहती है. आपके रिलेशनशिप का पहला रूल यही होना चाहिए कि आप एकदूसरे के बारे में कुछ बुरा ना कहें या फिर एकदूसरे से लड़ाई-झगड़ा किसी और के सामने ना करें.
दूसरा रूल – किसी भी रिश्ते में सबसे जरूरी यह होना चाहिए कि आप अपने पार्टनर की तारीफ सभी के सामने करें. ससुराल में, लोगों के सामने या सोशल मीडिया पर आपको अपने पार्टनर की तारीफ करनी चाहिए. थेरेपिस्ट कहते हैं कि खुलकर अपने पार्टनर की तारीफ करें. आप अपने पार्टनर को दूसरों के सामने जो रिस्पेक्ट देंगे वो आपके पास 10 गुना बढ़कर आएगी. जब दूसरों के सामने अपने पार्टनर को इज्जत देते हैं तो आपका रिश्ता और ज्यादा मजबूत होते हैं. सक्सेसफुल रिश्ते के पीछे यही सीक्रेट होता है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
- रिश्ता मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि आप एकदूसरे से अपने दिल की बात खुलकर कर सकें.
- एकदूसरे पर ट्रस्ट करें और रिश्ते में ईमानदारी रखें.
- एकदूसरे की सराहना करने से कभी ना झिझकें.
- पार्टनर्स का एकदूजे को सम्मान देना भी बेहद जरूरी है.
- एकसाथ क्वालिटी टाइम बिताएं.
- एकदूसरे को सपोर्ट करना जरूरी है.
- प्याज जताने से पीछे ना हटाएं, बताएं कि आप एकदूसरे से कितना प्यार करते हैं.
- नेगेटिव बातों को मन में रखने के बजाए डिस्कस करें.










