Which Hill Station Known as Queens Of Hills: भारत में वैसे तो कई खूबसूरत पहाड़ियां मौजूद हैं, जहां जाने पर ऐसा अनुभव होता है कि किसी और देश में या सपनों की दुनिया में पहुंच गए हो. वहां की शांति, हरियाली, और खूबसूरत साइट्स हर किसी को उस जगह का दीवाना बना देती हैं. इनमें नैनीताल, शिमला आदि कई जगहों के नाम आते हैं, लेकिन क्या आप जानते पहाड़ों की रानी किसे कहा जाता है और क्यों?
कहां है पहाड़ों की रानी?
बात जब हिल स्टेशन की होती है, तो सबके दिमाग में मसूरी का नाम सबसे पहले आता है. शायद आपको मालूम न हो, लेकिन इसी जगह को 'क्वीन ऑफ हिल्स यानी पहाड़ों की रानी कहा जाता है. राजधानी दिल्ली से करीब 6 घंटे की दूरी पर पहाड़ों की ऊंचाइयों पर बसा ये शहर अपने बादलों से घिरी पहाड़ियों, ठंडी हवाओं, खूबसूरत वादियों और शांत माहौल इस जगह को बहुत खास बनाता है. लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर इस जगह को ये नाम कैसे मिला और किसने दिया?
कैसे मिला मसूरी को ये दर्जा?
भारत में दर्जिलिंग, नैनीताल, मनाली आदि कई मनमोहक हिल स्टेशन हैं, जहां लाखों की संख्या में पार्यटक हर साल आते हैं, और अच्छा-खासा वक्त वहां बिताते हैं. लेकिन जो नाम मसूरी को जो पहचान मिसी वह किसी और को नहीं मिली. बता दें कि मसूरी जितनी अपनी खूबसूरती से लोगों को हैरान करती है, उतना ही दिलचस्प इस शहर का इतिहास भी है, जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं. रिपोर्ट्स बताते हैं कि घने जंगलों और बर्फ से ढकी पहाड़ियों से घिरा यह शहर ब्रिटिश शासन के दौरान ब्रिटिश अफसरों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगह थी, जहां वह अपनी छुट्टियां बिताते थे. ऐसा माना जाता है कि यहां की ठंडी जलवायु और हरियाली उन्हें इंग्लैंड की याद दिलाती थी.
किसने की इस खूबसूरत वादियों की खोज?
इतिहासकार बताते हैं कि मसूरी की खोज ब्रिटिश सैन्य अधिकारी कैप्टन यंग ने साल 1823 में की थी. कैप्टन यंग को यह जगह इतनी ज्यादा पंसद आ गई थी कि वह वहां रहना शुरू कर दिए और उस जगह को धीरे-धीरे एक बसावट के रूप में विकसित करना शुरू कर दिया. जैसे-जैसे अंग्रेज यहां रहने आते, वह यहां की खूबसूरती और शांत-ठंडे वातावरण में पूरी तरह मोह जाते थे. यहां की वादियों, झरनों और शांति से अंग्रेज इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे अपना दूसरा घर बना लिया और यहीं स्कूल, चर्च और अस्पताल तक बनवा दिए.
Queens Of Hills नाम कैसे पड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश अफसरों ने ही मसूरी की प्राकृतिक सुदंरता और आरामदायक वातावरण को देखते हुए इस जगह को रानी का दर्जा दिया. वक्त के साथ ये नाम लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगा और लोग मसूरी को पहाड़ों की रानी के नाम से पुकारने लगे. यही वजह है कि यहां का लंढौर बाजार और औपनिवेशिक इमारतें आज भी ब्रिटिश काल की झलक दिखाती हैं.
Which Hill Station Known as Queens Of Hills: भारत में वैसे तो कई खूबसूरत पहाड़ियां मौजूद हैं, जहां जाने पर ऐसा अनुभव होता है कि किसी और देश में या सपनों की दुनिया में पहुंच गए हो. वहां की शांति, हरियाली, और खूबसूरत साइट्स हर किसी को उस जगह का दीवाना बना देती हैं. इनमें नैनीताल, शिमला आदि कई जगहों के नाम आते हैं, लेकिन क्या आप जानते पहाड़ों की रानी किसे कहा जाता है और क्यों?
कहां है पहाड़ों की रानी?
बात जब हिल स्टेशन की होती है, तो सबके दिमाग में मसूरी का नाम सबसे पहले आता है. शायद आपको मालूम न हो, लेकिन इसी जगह को ‘क्वीन ऑफ हिल्स यानी पहाड़ों की रानी कहा जाता है. राजधानी दिल्ली से करीब 6 घंटे की दूरी पर पहाड़ों की ऊंचाइयों पर बसा ये शहर अपने बादलों से घिरी पहाड़ियों, ठंडी हवाओं, खूबसूरत वादियों और शांत माहौल इस जगह को बहुत खास बनाता है. लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर इस जगह को ये नाम कैसे मिला और किसने दिया?
कैसे मिला मसूरी को ये दर्जा?
भारत में दर्जिलिंग, नैनीताल, मनाली आदि कई मनमोहक हिल स्टेशन हैं, जहां लाखों की संख्या में पार्यटक हर साल आते हैं, और अच्छा-खासा वक्त वहां बिताते हैं. लेकिन जो नाम मसूरी को जो पहचान मिसी वह किसी और को नहीं मिली. बता दें कि मसूरी जितनी अपनी खूबसूरती से लोगों को हैरान करती है, उतना ही दिलचस्प इस शहर का इतिहास भी है, जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं. रिपोर्ट्स बताते हैं कि घने जंगलों और बर्फ से ढकी पहाड़ियों से घिरा यह शहर ब्रिटिश शासन के दौरान ब्रिटिश अफसरों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगह थी, जहां वह अपनी छुट्टियां बिताते थे. ऐसा माना जाता है कि यहां की ठंडी जलवायु और हरियाली उन्हें इंग्लैंड की याद दिलाती थी.
किसने की इस खूबसूरत वादियों की खोज?
इतिहासकार बताते हैं कि मसूरी की खोज ब्रिटिश सैन्य अधिकारी कैप्टन यंग ने साल 1823 में की थी. कैप्टन यंग को यह जगह इतनी ज्यादा पंसद आ गई थी कि वह वहां रहना शुरू कर दिए और उस जगह को धीरे-धीरे एक बसावट के रूप में विकसित करना शुरू कर दिया. जैसे-जैसे अंग्रेज यहां रहने आते, वह यहां की खूबसूरती और शांत-ठंडे वातावरण में पूरी तरह मोह जाते थे. यहां की वादियों, झरनों और शांति से अंग्रेज इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे अपना दूसरा घर बना लिया और यहीं स्कूल, चर्च और अस्पताल तक बनवा दिए.
Queens Of Hills नाम कैसे पड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश अफसरों ने ही मसूरी की प्राकृतिक सुदंरता और आरामदायक वातावरण को देखते हुए इस जगह को रानी का दर्जा दिया. वक्त के साथ ये नाम लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगा और लोग मसूरी को पहाड़ों की रानी के नाम से पुकारने लगे. यही वजह है कि यहां का लंढौर बाजार और औपनिवेशिक इमारतें आज भी ब्रिटिश काल की झलक दिखाती हैं.