Basant Panchami 2026: हर साल बसंत पंचमी के दिन हर तरफ पीले रंग की बहार नजर आती है. इस दिन सरस्वती पूजा के लिए स्कूल में बच्चों को पीले रंग के कपड़े (Yellow Clothes) पहनकर बुलाया जाता है और अध्यापक उन्हें बड़े प्यार से छोटे-छोटे फूलों की उपाधि देते हैं. वहीं, कॉलेज या ऑफिस जाने वाले भी बसंत पंचमी के अवसर पर पीले रंग के कपड़े पहनकर जाना पसंद करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने की असल वजह क्या होती है? यहां जानिए बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने का धार्मिक, प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक कारण क्या है.
बसंत पंचमी पर हम पीले रंग के कपड़े क्यों पहनते हैं
प्राकृतिक छटा
बसंत पंचमी का दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होता है. इस समय सरसों के पीले फूल लहलहाने लगते हैं और हर तरफ बसंत की पीली छटा नजर आती है. ऐसे में इस पीली आभा में जग डूबा हुआ नजर आता है. इस प्राकृतिक बदलाव की खुशी में और तालमेल बिठाने के लिए भी बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं. यह बसंत आने की खुशी का प्रतीक होता है.
मां सरस्वती को है प्रिय
बसंत पंचमी का अत्यधिक धार्मिक महत्व होता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, बसंत पंचमी के ही दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. ऐसे में बसंत पंचमी को मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है. माना जाता है कि पीला रंग (Peela Rang) मां सरस्वती को प्रिय होता है. वहीं, मां सरस्वती (Ma Saraswati) ज्ञान की देवी कहलाती हैं और पीले रंग को ज्ञान, ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है. इसीलिए सरस्वती पूजा के दिन पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं, पीले पकवान बनाए जाते हैं और पीले फूलों से पूजास्थल सजाया जाता है.
ऊर्जा का प्रतीक है पीला रंग
पीले रंग का मनोवैज्ञानिक महत्व भी है. कहते हैं हम जो कुछ देखते हैं या जिस रंग के कपड़े पहनते हैं वैसा ही महसूस करने लगते हैं. इसीलिए काले या सलेटी रंग को नकारात्मक और उदासीन माना जाता है और खिले हुए पीले, नारंगी और लाल रंग को चहक, खुशी और उमंग से जोड़कर देखा जाता है. पीला रंग गुनगुनी धूप के स्वागत का प्रतीक है और यह मन में हिचकोले खा रही खुशी को बयान करता है. इसीलिए बसंत पंचमी पर सभी पीले रंग के वस्त्र पहनना पसंद करते हैं.
मांगलिक है यह रंग
पीले रंग का धार्मिक महत्व है. इस रंग को शुभता का प्रतीक माना जाता है और मांगलिक कहा जाता है. बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा आराधना होती है इसीलिए बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं. यह रंग किसी नए काम की शुरुआत और सुख-समृद्धि का संकेत देता है.
यह भी पढ़ें - Happy Basant Panchami 2026 Wishes LIVE: ज्ञान का दीपक जलाएं, मां सरस्वती के आगमन का उत्सव मनाएं… बसंत पंचमी भेजिए ये खास शुभकामनाएं
Basant Panchami 2026: हर साल बसंत पंचमी के दिन हर तरफ पीले रंग की बहार नजर आती है. इस दिन सरस्वती पूजा के लिए स्कूल में बच्चों को पीले रंग के कपड़े (Yellow Clothes) पहनकर बुलाया जाता है और अध्यापक उन्हें बड़े प्यार से छोटे-छोटे फूलों की उपाधि देते हैं. वहीं, कॉलेज या ऑफिस जाने वाले भी बसंत पंचमी के अवसर पर पीले रंग के कपड़े पहनकर जाना पसंद करते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने की असल वजह क्या होती है? यहां जानिए बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने का धार्मिक, प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक कारण क्या है.
बसंत पंचमी पर हम पीले रंग के कपड़े क्यों पहनते हैं
प्राकृतिक छटा
बसंत पंचमी का दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होता है. इस समय सरसों के पीले फूल लहलहाने लगते हैं और हर तरफ बसंत की पीली छटा नजर आती है. ऐसे में इस पीली आभा में जग डूबा हुआ नजर आता है. इस प्राकृतिक बदलाव की खुशी में और तालमेल बिठाने के लिए भी बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं. यह बसंत आने की खुशी का प्रतीक होता है.
मां सरस्वती को है प्रिय
बसंत पंचमी का अत्यधिक धार्मिक महत्व होता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, बसंत पंचमी के ही दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. ऐसे में बसंत पंचमी को मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है. माना जाता है कि पीला रंग (Peela Rang) मां सरस्वती को प्रिय होता है. वहीं, मां सरस्वती (Ma Saraswati) ज्ञान की देवी कहलाती हैं और पीले रंग को ज्ञान, ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है. इसीलिए सरस्वती पूजा के दिन पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं, पीले पकवान बनाए जाते हैं और पीले फूलों से पूजास्थल सजाया जाता है.
ऊर्जा का प्रतीक है पीला रंग
पीले रंग का मनोवैज्ञानिक महत्व भी है. कहते हैं हम जो कुछ देखते हैं या जिस रंग के कपड़े पहनते हैं वैसा ही महसूस करने लगते हैं. इसीलिए काले या सलेटी रंग को नकारात्मक और उदासीन माना जाता है और खिले हुए पीले, नारंगी और लाल रंग को चहक, खुशी और उमंग से जोड़कर देखा जाता है. पीला रंग गुनगुनी धूप के स्वागत का प्रतीक है और यह मन में हिचकोले खा रही खुशी को बयान करता है. इसीलिए बसंत पंचमी पर सभी पीले रंग के वस्त्र पहनना पसंद करते हैं.
मांगलिक है यह रंग
पीले रंग का धार्मिक महत्व है. इस रंग को शुभता का प्रतीक माना जाता है और मांगलिक कहा जाता है. बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा आराधना होती है इसीलिए बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं. यह रंग किसी नए काम की शुरुआत और सुख-समृद्धि का संकेत देता है.
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