बिहार में महिलाओं को 10 हजार दिलाने वाली योजना बंद! जानें क्या बोले नीतीश सरकार के मंत्री?
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana entry closed: बिहार चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की नई एंट्री 31 दिसंबर से बंद कर दी गई है. अब तक बिहार में 1.56 करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की रकम ट्रांसफर हुई हुई. सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिहार में सिर्फ चुनाव के लिए लाई गई थी महिलाओं को 10 हजार रुपये दिलाने वाली योजना? पढ़ें पटना से सौरभ कुमार की विशेष रिपोर्ट
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana entry closed: बिहार चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की नई एंट्री अब बंद कर दी गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में दस दस हजार रुपए की राशि भेजी गई है. उसके बाद से 19 लाख आवेदन आए हैं. आवेदन के लिए जारी पोर्टल भी अब बंद कर दिया गया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को दस दस रुपए दिए जाने हैं. इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को रोजगार के लिए बाद में दो-दो लाख रुपए भी दिए जाने का प्रावधान है. अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस हजार की धनराशि दी जा चुकी है.
Araria, Bihar: Prime Minister Narendra Modi says, "Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana is a strong example of progress. Under this scheme, 1.4 crore women in Bihar have already received financial support of ₹10,000 each in their accounts..." pic.twitter.com/VlGU2kc5sn
बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं ने बंपर वोटिंग की और चुनाव परिणाम में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला, तब यह माना गया कि जीत में महिला रोजगार योजना और इसके तहत दिए जाने वाले दस दस रुपए की बड़ी भूमिका है.अब इस योजना के लिए नई एंट्री के लिए आवेदन बंद कर दिया गया है और पोर्टल भी 31 दिसंबर को बंद हो गया है. विपक्ष का कहना है कि सरकार ने सिर्फ चुनावी प्रलोभन के लिए ही यह योजना शुरू की थी लिहाजा चुनाव बाद यह योजना अब बंद कर दी गई है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस दस हजार का भुगतान करने के बाद 19 लाख और महिलाओं ने आवेदन किया है और इसके बाद ही पोर्टल पर आवेदनों की एंट्री बंद कर दी गई है.
जानें क्या बोले नीतीश के मंत्री?
नीतीश सरकार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि योजना बंद नहीं की गई है. विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं. बिहार की महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना चुनावी प्रोपगंडा नहीं, स्वालंबन के लिए था. उत्तरप्रदेश में योगी जी को कौन पैसा दिए थे, जहां 325 सीट जीते थे. रही बात पोर्टल बंद होने की तो हमेशा खुला कौन रहता है. चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना का पोर्टल हो या कोई और, कौन सी योजना का पोर्टल हमेशा खुला रहता है. जो कुछ होता है, एक सीमा के तहत होता है.
आखिरी बार 28 नवंबर को मिली थी राशि
STORY | Nitish disburses Rs 1,000 crore among 10 lakh women beneficiaries of entrepreneurship scheme
Bihar Chief Minister Nitish Kumar on Friday disbursed Rs 1,000 crore among 10 lakh beneficiaries of the Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana, which is aimed at promoting… pic.twitter.com/U9Xj0AK7ji
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की स्वीकृति 30 अगस्त 2025 को नीतीश कैबिनेट ने दी थी. बिहार चुनाव के ठीक पहले यानी 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की 75 लाख महिलाओं के खाते में दस दस हजार की राशि भेजी. एक सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं के खाते में दस हजार का भुगतान किया. आखिरी बार 28 नवंबर को 10 लाख महिलाओं के खाते में यह राशि भेजी गई है.
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana entry closed: बिहार चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की नई एंट्री अब बंद कर दी गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में दस दस हजार रुपए की राशि भेजी गई है. उसके बाद से 19 लाख आवेदन आए हैं. आवेदन के लिए जारी पोर्टल भी अब बंद कर दिया गया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को दस दस रुपए दिए जाने हैं. इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को रोजगार के लिए बाद में दो-दो लाख रुपए भी दिए जाने का प्रावधान है. अब तक एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस हजार की धनराशि दी जा चुकी है.
Araria, Bihar: Prime Minister Narendra Modi says, "Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana is a strong example of progress. Under this scheme, 1.4 crore women in Bihar have already received financial support of ₹10,000 each in their accounts…" pic.twitter.com/VlGU2kc5sn
बिहार में चुनाव के दौरान महिलाओं ने बंपर वोटिंग की और चुनाव परिणाम में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला, तब यह माना गया कि जीत में महिला रोजगार योजना और इसके तहत दिए जाने वाले दस दस रुपए की बड़ी भूमिका है.अब इस योजना के लिए नई एंट्री के लिए आवेदन बंद कर दिया गया है और पोर्टल भी 31 दिसंबर को बंद हो गया है. विपक्ष का कहना है कि सरकार ने सिर्फ चुनावी प्रलोभन के लिए ही यह योजना शुरू की थी लिहाजा चुनाव बाद यह योजना अब बंद कर दी गई है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को दस दस हजार का भुगतान करने के बाद 19 लाख और महिलाओं ने आवेदन किया है और इसके बाद ही पोर्टल पर आवेदनों की एंट्री बंद कर दी गई है.
जानें क्या बोले नीतीश के मंत्री?
नीतीश सरकार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि योजना बंद नहीं की गई है. विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं. बिहार की महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना चुनावी प्रोपगंडा नहीं, स्वालंबन के लिए था. उत्तरप्रदेश में योगी जी को कौन पैसा दिए थे, जहां 325 सीट जीते थे. रही बात पोर्टल बंद होने की तो हमेशा खुला कौन रहता है. चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना का पोर्टल हो या कोई और, कौन सी योजना का पोर्टल हमेशा खुला रहता है. जो कुछ होता है, एक सीमा के तहत होता है.
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आखिरी बार 28 नवंबर को मिली थी राशि
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Bihar Chief Minister Nitish Kumar on Friday disbursed Rs 1,000 crore among 10 lakh beneficiaries of the Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana, which is aimed at promoting… pic.twitter.com/U9Xj0AK7ji
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की स्वीकृति 30 अगस्त 2025 को नीतीश कैबिनेट ने दी थी. बिहार चुनाव के ठीक पहले यानी 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की 75 लाख महिलाओं के खाते में दस दस हजार की राशि भेजी. एक सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं के खाते में दस हजार का भुगतान किया. आखिरी बार 28 नवंबर को 10 लाख महिलाओं के खाते में यह राशि भेजी गई है.