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इन 32 विश्वविद्यालयों से ली है डिग्री तो खतरे में है आपका भविष्य, जा सकती है नौकरी! देखें पूरी लिस्ट

इन यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री सरकारी या प्राइवेट नौकरियों के लिए मान्य नहीं मानी जाएगी. वेरिफिकेशन के दौरान अगर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, तो न केवल नौकरी पर खतरा मंडराएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.

Author Written By: Akarsh Shukla Updated: Feb 23, 2026 23:37

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने देशभर में फर्जी विश्वविद्यालयों की नई सूची जारी की है, जिसमें कुल 32 संस्थानों का नाम शामिल है. ये संस्थान बिना किसी वैधानिक मान्यता के डिग्री बांट रहे थे, जिससे छात्रों की भविष्य पर संकट मंडरा रहा है. दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फर्जी यूनिवर्सिटीज पाई गई हैं, उसके बाद उत्तर प्रदेश में चार विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिन्हें फर्जी घोषित किया गया है. यूजीसी ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि एडमिशन लेने से पहले संस्थान की वैधता जरूर जांच लें, वरना नौकरी या हायर एजुकेशन में परेशानी हो सकती है.

दिल्ली के इन फर्जी संस्थानों की डिग्री नहीं होगी मान्य

  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (अलीपुर, दिल्ली)
  • कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड (दरियागंज)
  • यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी,
  • वोकेशनल यूनिवर्सिटी,
  • एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी,
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग,
  • विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट,
  • अध्यात्मिक विश्वविद्यालय (रोहिणी),
  • वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (पितामपुरा),
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग,
  • माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (नेहरू प्लेस)
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सॉल्यूशन (जनकपुरी).

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उत्तर प्रदेश के 4 फर्जी विश्वविद्यालय कौन?

  • गांधी हिंदी विद्यापीठ (प्रयागराज),
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (अलीगढ़),
  • भारतीय शिक्षा परिषद (लखनऊ)
  • महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (नोएडा).

इन राज्यों में भी चल रहे फर्जी विश्वविद्यालय

  • आंध्र प्रदेश में क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी (गुंटूर),
  • बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी (विशाखापत्तनम),
  • पश्चिम बंगाल में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन,
  • इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च (कोलकाता),
  • कर्नाटक में बदगनवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी (बेलगाम)
  • ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु),
  • केरल में सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी (किशनत्तम)
  • इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेटिक मेडिसिन (कोझिकोड),
  • महाराष्ट्र में राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी (नागपुर)
  • नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ (सोलापुर),
  • पुडुचेरी में श्री बोधि एकेडमी
  • उषा लाचुमणन कॉलेज ऑफ एजुकेशन,
  • हरियाणा में मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद),
  • राजस्थान में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट,
  • झारखंड में दक्ष यूनिवर्सिटी (रांची)
  • अरुणाचल प्रदेश में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन.

इन यूनिवर्सिटी से प्राप्त डिग्री सरकारी या प्राइवेट नौकरियों के लिए मान्य नहीं मानी जाएगी. वेरिफिकेशन के दौरान अगर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, तो न केवल नौकरी पर खतरा मंडराएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. एफआईआर दर्ज होने से लेकर विभिन्न धाराओं में मुकदमा तक चल सकता है. यह लिस्ट यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां छात्र आसानी से जांच कर सकते हैं.

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First published on: Feb 23, 2026 11:37 PM

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