---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Information angle-right

рдЕрд╢реЛрдХ рд▓реАрд▓реИрдВрдб рдХреЗ рдирдП рдкреНрд▓рд╛рдВрдЯ рдиреЗ рдмрдврд╝рд╛рдпрд╛ рднрд░реЛрд╕рд╛: рдпреЛрдЧреА рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдХреЗ рд╕реБрдзрд╛рд░реЛрдВ рд╕реЗ рдпреВрдкреА рдмрдиреА рдирд┐рд╡реЗрд╢ рдХреА рдкрд╕рдВрджреАрджрд╛ рдордВрдЬрд┐рд▓

рдЕрд╢реЛрдХ рд▓реАрд▓реИрдВрдб рдХреЗ рдирдП рдкреНрд▓рд╛рдВрдЯ рдХрд╛ рд╢реБрднрд╛рд░рдВрдн рдЙрддреНрддрд░ рдкреНрд░рджреЗрд╢ рдореЗрдВ рдФрджреНрдпреЛрдЧрд┐рдХ рд╕реБрдзрд╛рд░реЛрдВ рдХреЗ рд╡рд╛рд╕реНрддрд╡рд┐рдХ рдкрд░рд┐рдгрд╛рдо рдХреЛ рджрд┐рдЦрд╛рддрд╛ рд╣реИ. рдпреЛрдЧреА рд╕рд░рдХрд╛рд░ рджреНрд╡рд╛рд░рд╛ рдЕрдиреБрдорддрд┐рдпреЛрдВ рдХреЛ рд╕рд░рд▓ рдХрд░рдиреЗ, рд╕рдордп-рд╕реАрдорд╛ рддрдп рдХрд░рдиреЗ, рдСрдирд▓рд╛рдЗрди рд╕рд┐рд╕реНрдЯрдо, рдбреА-рд░реЗрдЧреБрд▓реЗрд╢рди 1.0 рдореЗрдВ рдирдВрдмрд░-1 рд░реИрдВрдХрд┐рдВрдЧ рдФрд░ рд░рд╛рд╖реНрдЯреНрд░реАрдп рд╕рд┐рдВрдЧрд▓ рд╡рд┐рдВрдбреЛ рд╕рд┐рд╕реНрдЯрдо рдиреЗ рдирд┐рд╡реЗрд╢рдХреЛрдВ рдХреЛ рднрд░реЛрд╕рд╛ рджрд┐рдпрд╛ рд╣реИ.

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किए गए बड़े व्यापारिक और नीतिगत सुधार अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं. सरकार ने कारोबार शुरू करने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया, अनुमतियों के लिए तय समय सीमा लागू की और ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया. इन कदमों का नतीजा है कि अब बड़े उद्योग उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं. इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुआ. लखनऊ में इस प्लांट के शुभारंभ से न सिर्फ प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी गया है कि उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे भरोसेमंद निवेश स्थलों में शामिल हो चुका है.

केंद्र सरकार के “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है. उत्तर प्रदेश में भूमि, भवन, निर्माण, श्रम, पर्यावरण अनुमति और बिजली–पानी जैसे 23 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार किए गए. फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग, डिजिटल लैंड यूसेज बदलाव, जीआईएस लैंड बैंक और ऑनलाइन अनुमोदन ने पुरानी जटिलताएं खत्म कर दीं. इसी कारण अब उद्योग अपनी इकाइयां लगाने के लिए उत्तर प्रदेश को तरजीह दे रहे हैं. अशोक लीलैंड का प्लांट इस भरोसे का बड़ा उदाहरण है. इस प्लांट से प्रदेश में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हजारों युवाओं के लिए सीधे और परोक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे. साथ ही आसपास के एमएसएमई, छोटे उद्योग और सप्लाई चेन को भी बड़ा लाभ मिलेगा.

---विज्ञापन---

श्रम सुधार भी इस बदलाव के महत्वपूर्ण कारण हैं. महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति, कार्य घंटे में लचीलापन और तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण जैसी सुविधाओं ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाया है. पर्यावरण और अन्य लाइसेंसों की ऑनलाइन प्रक्रिया से अनावश्यक देरी खत्म हुई है. बिजली और पानी के कनेक्शन भी अब जल्दी मिल रहे हैं. इन सभी सुधारों का परिणाम यह है कि निवेश अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर नए कारखानों, उत्पादन और रोजगार के रूप में दिखाई दे रहा है. अशोक लीलैंड का नया प्लांट इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश एक नीति आधारित निवेश गंतव्य बन चुका है, जहां स्थिरता, भरोसा और साफ प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं. “उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार अधिनियम, 2025” और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम ने इस व्यवस्था को और मजबूत किया है.

First published on: Jan 10, 2026 10:13 AM

End of Article

About the Author

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola