वाइब्रेंट गुजरात 2026 के मंच से अडाणी समूह ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक निवेश की घोषणा कर दी है. अडाणी समूह के कार्यकारी निदेशक करण अडाणी ने बताया कि समूह अगले पांच वर्षों में कच्छ में ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा. यह निवेश ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा, जिससे गुजरात की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी.
करण अडाणी ने कहा कि कच्छ आज केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति का केंद्र बन चुका है. कभी पिछड़ा माना जाने वाला यह इलाका अब रणनीतिक रूप से देश के सबसे अहम औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता है. मुंद्रा पोर्ट, जो भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है, आज देश के करीब 40 प्रतिशत कार्गो को संभाल रहा है और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है.
अडाणी समूह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में कच्छ के खावड़ा में विकसित किया जा रहा 37 गीगावाट क्षमता वाला विश्व का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क शामिल है. यह परियोजना न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व भी दिलाएगी. इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है.
इसके साथ ही अडाणी समूह ने अगले दस वर्षों में मुंद्रा पोर्ट की क्षमता दोगुनी करने का भी संकल्प लिया है. इससे व्यापार, निर्यात, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और कच्छ एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र के रूप में उभरेगा.
अडाणी समूह का यह निवेश “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप माना जा रहा है. समूह का मानना है कि देश का विकास तभी संभव है जब उद्योग, पर्यावरण और समाज साथ-साथ आगे बढ़ें. रोजगार सृजन, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास इस निवेश के प्रमुख लक्ष्य हैं.
#WATCH | Rajkot, Gujarat | At the Vibrant Gujarat Regional Conference, Karan Adani, MD of Adani Ports & Special Economic Zone Ltd, says, "… As Prime Minister, you have taken this philosophy across India. Through cooperative and competitive federalism, states have become engine… pic.twitter.com/h25ZyiW7Np
— ANI (@ANI) January 11, 2026
राज्य और केंद्र सरकार के नेतृत्व ने भी इस निवेश को गुजरात और देश के लिए मील का पत्थर बताया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अडाणी समूह का यह कदम भारत को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत करेगा.
कुल मिलाकर, कच्छ में अडाणी समूह का ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित होगा.










