हिंदी न्यूज़/Information/मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हवाई कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार, नॉन प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में यूपी देश में अव्वल
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हवाई कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार, नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में यूपी देश में अव्वल
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम उड़ान के तहत उत्तर प्रदेश को ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय सम्मान मिला है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हवाई कनेक्टिविटी, यात्री संख्या और एयर कार्गो में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व व सक्रिय नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस-उड़ान) के तहत ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किया गया है. यह सम्मान नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में दिया गया है, जिसमें देश के वे राज्य शामिल हैं, जो न तो पर्वतीय हैं और न ही उत्तर-पूर्व क्षेत्र में आते हैं. इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देश के विमानन मानचित्र पर एक सशक्त और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है.
योगी सरकार की नीति से बदला प्रदेश का विमानन परिदृश्य
योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कनेक्टिविटी को विकास का आधार बनाया. हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नए रनवे, नाइट लैंडिंग सुविधाएं व क्षेत्रीय उड़ानों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश के छोटे शहरों को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ा गया. आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने गैर-प्राथमिक राज्यों की श्रेणी में सबसे तेज प्रगति दर्ज की.
यात्री यातायात में 2.6 गुना वृद्धि
उत्तर प्रदेश सिविल एविएशन के डायरेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि योगी सरकार की नीतियों का असर यात्री आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है. वर्ष 2016 में प्रदेश में कुल 59.97 लाख हवाई यात्री थे. 2024 में यह संख्या 1.28 करोड़ से अधिक और 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1.55 करोड़ से अधिक हो गई. बीते नौ वर्षों में प्रदेश में 9.98 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से यात्री यातायात बढ़ा है, जो यह दर्शाता है कि हवाई यात्रा अब आम नागरिकों के लिए भी सुलभ होती जा रही है. यह ‘उड़ान-उड़े देश का आम नागरिक’ के मूल उद्देश्य को जमीन पर उतारने का प्रमाण है.
घरेलू उड़ानों से मजबूत हुआ क्षेत्रीय संपर्क
उन्होंने बताया कि प्रदेश में घरेलू उड़ानों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है. 2016 में घरेलू यात्रियों की संख्या 52.30 लाख थी, जो 2024 में 1.16 करोड़ से अधिक और 2025 में 1.41 करोड़ से अधिक पहुंच गई. इससे न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिला, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए. इसी तरह, इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या जो 2016 में 7.66 लाख थी वो 2024 में 12.63 लाख से अधिक और 2025 में 13.37 लाख से अधिक पहुंच गई.
एयर कार्गो में पांच गुना उछाल, अर्थव्यवस्था को बल
योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश एयर कार्गो के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है. 2016 में एयर कार्गो ट्रैफिक 5,895 मीट्रिक टन था, जो 2024 में 27,998 मीट्रिक टन और 2025 में बढ़कर 29,761 मीट्रिक टन हो गया. एयर कार्गो में इन 9 वर्षों में 17.58 प्रतिशत सीएजीआर से हुई वृद्धि ने प्रदेश को कृषि उत्पादों, एमएसएमई और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म दिया है.
जेवर एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हब की भूमिका
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) सहित प्रदेश में विकसित हो रहे नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं. योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक तेज, सुरक्षित और सस्ती हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े. ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का यह सम्मान योगी सरकार की इसी विकासोन्मुख सोच, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मान्यता है, जो उत्तर प्रदेश को ‘नए भारत’ की उड़ान में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व व सक्रिय नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस-उड़ान) के तहत ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किया गया है. यह सम्मान नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में दिया गया है, जिसमें देश के वे राज्य शामिल हैं, जो न तो पर्वतीय हैं और न ही उत्तर-पूर्व क्षेत्र में आते हैं. इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देश के विमानन मानचित्र पर एक सशक्त और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है.
योगी सरकार की नीति से बदला प्रदेश का विमानन परिदृश्य
योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कनेक्टिविटी को विकास का आधार बनाया. हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नए रनवे, नाइट लैंडिंग सुविधाएं व क्षेत्रीय उड़ानों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश के छोटे शहरों को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ा गया. आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने गैर-प्राथमिक राज्यों की श्रेणी में सबसे तेज प्रगति दर्ज की.
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यात्री यातायात में 2.6 गुना वृद्धि
उत्तर प्रदेश सिविल एविएशन के डायरेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि योगी सरकार की नीतियों का असर यात्री आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है. वर्ष 2016 में प्रदेश में कुल 59.97 लाख हवाई यात्री थे. 2024 में यह संख्या 1.28 करोड़ से अधिक और 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1.55 करोड़ से अधिक हो गई. बीते नौ वर्षों में प्रदेश में 9.98 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से यात्री यातायात बढ़ा है, जो यह दर्शाता है कि हवाई यात्रा अब आम नागरिकों के लिए भी सुलभ होती जा रही है. यह ‘उड़ान-उड़े देश का आम नागरिक’ के मूल उद्देश्य को जमीन पर उतारने का प्रमाण है.
घरेलू उड़ानों से मजबूत हुआ क्षेत्रीय संपर्क
उन्होंने बताया कि प्रदेश में घरेलू उड़ानों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है. 2016 में घरेलू यात्रियों की संख्या 52.30 लाख थी, जो 2024 में 1.16 करोड़ से अधिक और 2025 में 1.41 करोड़ से अधिक पहुंच गई. इससे न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिला, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए. इसी तरह, इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या जो 2016 में 7.66 लाख थी वो 2024 में 12.63 लाख से अधिक और 2025 में 13.37 लाख से अधिक पहुंच गई.
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एयर कार्गो में पांच गुना उछाल, अर्थव्यवस्था को बल
योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश एयर कार्गो के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है. 2016 में एयर कार्गो ट्रैफिक 5,895 मीट्रिक टन था, जो 2024 में 27,998 मीट्रिक टन और 2025 में बढ़कर 29,761 मीट्रिक टन हो गया. एयर कार्गो में इन 9 वर्षों में 17.58 प्रतिशत सीएजीआर से हुई वृद्धि ने प्रदेश को कृषि उत्पादों, एमएसएमई और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म दिया है.
जेवर एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हब की भूमिका
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) सहित प्रदेश में विकसित हो रहे नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं. योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक तेज, सुरक्षित और सस्ती हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े. ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का यह सम्मान योगी सरकार की इसी विकासोन्मुख सोच, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मान्यता है, जो उत्तर प्रदेश को ‘नए भारत’ की उड़ान में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है.