हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Tiger ShroffCJP ProtestGyanesh KumarBigg Boss 20

23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी तक आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश-प्रदेश के 120 से अधिक साहित्यकार सहभागिता करेंगे.
तीन दिवसीय इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति, विचार-विमर्श, नाटक, काव्य-पाठ और पुस्तक मेले के माध्यम से छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना का राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन होगा.

विज्ञापन

छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है. तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे.

इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा. आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा.

साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे.

विज्ञापन

इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी. साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे.

आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं.

विज्ञापन

साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी.

साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी.

विज्ञापन

साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा.

इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे.

विज्ञापन

24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा.

साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं. मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है.

विज्ञापन

दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है.

आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे.

विज्ञापन

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है.

आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी. स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी. साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे.

विज्ञापन

पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा. साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं. आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं. कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं.

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है. यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा.

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola