भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते के तहत ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इस समझौते में हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क (टैरिफ) को जीरो करने का प्रस्ताव रखा गया है. इसका मतलब है कि अब इन प्रीमियम बाइकों को भारत में लाने पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी. जानकारी के मुताबिक, ये फैसला खासतौर पर 800 सीसी से 1600 सीसी इंजन क्षमता वाली हार्ले-डेविडसन बाइकों के लिए लिया गया है. इन बाइकों की बिक्री भारत में सीमित है, इसलिए सरकार ने इन्हें टैरिफ-फ्री कैटेगरी में रखने का फैसला किया है. इससे इन बाइकों की कीमतों में कमी आने की संभावना है और ग्राहकों को सीधा फायदा मिल सकता है.
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लग्जरी कारों पर भी राहत
इस व्यापार समझौते में सिर्फ बाइक ही नहीं, बल्कि लग्जरी कारों पर भी टैक्स में कटौती का प्रस्ताव शामिल है. अमेरिका से आयात होने वाली बड़ी पेट्रोल और डीजल कारों पर अभी जो हाई ट्रेड फीस लगती है, उसे धीरे-धीरे कम किया जाएगा.
पहले फेज में ये टैक्स करीब 50 प्रतिशत तक लाया जा सकता है, जबकि आने वाले सालों में इसे और घटाने की योजना है. इससे महंगी कारें भी पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को राहत नहीं
हालांकि इस समझौते में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को फिलहाल कोई खास राहत नहीं दी गई है. टैक्स में कटौती का फायदा सिर्फ पेट्रोल, डीजल और हाइब्रिड गाड़ियों को मिल सकता है. इस डील से भारत को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. अमेरिका में भारतीय उत्पादों के लिए बाजार और खुल सकता है, जिससे भारत के निर्यात में बढ़ोतरी हो सकती है. खासतौर पर ऑटो पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को इसका फायदा मिल सकता है. ये समझौता फाइनल मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इसके बाद ही नई टैक्स दरें प्रभाव में आएंगी.
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