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महिला आरक्षण कानून में संशोधन की तैयारी तेज, लोकसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने पर फोकस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दलों के साथ अलग-अलग स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकें की हैं. सरकार का प्रयास है कि इस बिल पर व्यापक सहमति बनाई जाए और वर्तमान संसद सत्र में ही इसे आगे बढ़ाया जा सके. पढ़ें प्रशांत देव की रिपोर्ट

केंद्र सरकार मौजूदा संसदीय सत्र में महिला आरक्षण कानून में संशोधन लाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या को एक तिहाई तक सुनिश्चित करना है, जिससे संसद में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत किया जा सके. प्रस्तावित बदलावों के तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 किए जाने पर विचार किया जा रहा है. ऐसे में महिला सांसदों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़कर 273 तक पहुंच सकती है. सीटों के निर्धारण के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाए जाने की संभावना है.

राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश

सरकार इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश में जुटी है. इसी कड़ी में आज गृह मंत्री Amit Shah ने कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अहम बैठक की. इस बैठक में NCP (SP), BJD, शिवसेना (उद्धव गुट) और वाईएसआर कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हुए. हालांकि, अभी तक कांग्रेस और TMC जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के साथ इस मुद्दे पर औपचारिक चर्चा नहीं हो सकी है. सूत्रों के अनुसार, 2011 की जनगणना को आधार बनाए जाने से अगली जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया टल सकती है. इसके साथ ही जातीय जनगणना का मुद्दा भी फिलहाल टलने की संभावना जताई जा रही है, जिसे सरकार आगामी जनगणना के साथ कराने की बात कह चुकी है.

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बढ़ सकती है लोकसभा सीटों की संख्या

सरकार महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के जरिए इसे तेजी से लागू करने की तैयारी में है. इस बिल के साथ जो सबसे बड़ा बदलाव चर्चा में है, वह है लोकसभा की क्षमता का विस्तार. सूत्रों के अनुसार वर्तमान 543 सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो इसमें महिलाओं की भागीदारी 273 सीटों तक पहुंच जाएगी. सरकार 2011 की जनगणना को आधार बनाकर यह बिल ला सकती है. चर्चा यह भी है कि फिलहाल नई जनगणना और परिसीमन को टाला जा सकता है और 2011 के आंकड़ों को ही महिला आरक्षण के लिए आधार बनाया जाएगा.

क्यों अहम है यह कदम?

सरकार की कोशिश है कि संशोधन बिल पर अधिकतम सहमति बनाई जाए, ताकि इसे संसद में आसानी से पारित कराया जा सके. अगर यह संशोधन लागू होता है, तो भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम मिलेगा और संसद की संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.. सूत्र बताते हैं कि केंद्र इस सत्र में ही महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश कर सकता है. अमित शाह की ये बैठकें इसी मकसद से हो रही हैं.

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First published on: Mar 23, 2026 02:23 PM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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