'ठेले पर प्लेन...', PM मोदी ने संसद में किया जिस कार्टून का जिक्र; कौन थे उसको बनाने वाले आरके लक्ष्मण?

Who Was Cartoonist RK Laxman: बजट सत्र के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्ष पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने इस दौरान आरोप लगाया कि विपक्ष दावे तो करता है, लेकिन उनको पूरे नहीं करता।

RK Laxman

Photo Courtesy: Times of India

Who Was RK Laxman: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपना जवाब देते समय विपक्ष पर जमकर चुटकी ली। मोदी ने कहा कि एक प्रधानमंत्री हर समय 21वीं-21वीं सदी बोला करते थे। उस समय Times of India में कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण ने एक शानदार कार्टून बनाया था। हालांकि उस समय कार्टून का मजाक उड़ाया गया था, लेकिन आगे जाकर उसकी बात सच हो गई। ये कटाक्ष था कि वे प्रधानमंत्री जमीनी सच्चाई से कितना कटे हुए थे? कार्टून में यही सब दिखाया गया था। वे हर समय 21वीं-21वीं सदी की बातें करते थे, लेकिन उस समय 20वीं सदी की जरूरतों को भी पूरा नहीं कर सके थे। पीएम मोदी ने जिन आरके लक्ष्मण का जिक्र किया, उनके बारे में जानते हैं।

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उनका पूरा नाम रासिपुरम कृष्णस्वामी अय्यर लक्ष्मण था। वे पीएम नेहरू की आलोचना से लेकर इंदिरा गांधी की इमरजेंसी तक बिना डरे अपने कार्टूनों के जरिए विरोध करते थे। उनके कार्टून टाइम्स ऑफ इंडिया के पहले पेज पर छपते थे। 50 साल ये सिलसिला चलता रहा। उनके सबसे ज्‍यादा पॉपुलर कार्टून कॉमन मैन की शुरुआत नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक चली।

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लक्ष्मण ने कन्नड़ भाषा में 9वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी। हाई स्कूल में वे फेल हो गए थे। इसके बाद जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स ने उनको दाखिला देने से मना कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कार्टूनिस्ट के तौर पर करियर बनाया। बाद में इसी स्कूल ने उनको गेस्ट फैकल्टी के तौर पर बुलाया था। आरके लक्ष्‍मण ने पहले कमला नामक तमिल एक्ट्रेस से विवाह रचाया था, लेकिन थोड़े दिन बाद तलाक हो गया था। इसके बाद लक्ष्मण ने अपनी भांजी से शादी की थी।

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बाल ठाकरे के साथ करते थे काम

लक्ष्मण ने शुरुआत में फ्री प्रेस जर्नल में जॉब शुरू की थी। वे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के साथ लगते डेस्क पर बैठकर काम करते थे। बाल ठाकरे बाद में पॉलिटिक्स में चले गए। लक्ष्मण ने टाइम्स ऑफ इंडिया ज्वाइन कर लिया था। लक्ष्मण अपने काम को लेकर बहुत सजग थे। उनके हर कार्टून में कोई न कोई मैसेज छिपा होता था। भारत सरकार ने उनको उत्कृष्ट कार्यों के लिए पद्म विभूषण और पद्म भूषण जैसे नागरिक सम्‍मान से नवाजा था।

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लक्ष्मण के कार्टून फिल्मों में भी यूज किए गए थे। उनके बड़े भाई आरके नारायण की कृति ‘मालगुडी डेज’ जब टीवी पर आई तो लक्ष्मण ने उसके लिए भी कार्टून बनाए। बताया जाता है कि वे रोजाना 15 अखबार पढ़ते थे। इसके बाद ही कार्टून बनाते थे। 26 जनवरी 2015 में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था।

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