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खुद मांगते हैं 10-10 रुपये, पर गरीबों को बांटे 500 कंबल, पठानकोट के इस भिखारी की PM मोदी भी कर चुके तारीफ

पंजाब के पठानकोट में भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले राजू ने अपनी तंगी को दूसरों के लिए उम्मीद की किरण में बदल दिया. उन्होंने इस भीषण ठंड में जरूरतमंद लोगों को कंबल बांटे हैं.

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Edited By : Arif Khan Updated: Jan 10, 2026 13:12
पीएम मोदी भी पठानकोट के राजू भिखारी की तारीफ कर चुके हैं.

उत्तर भारत में भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है. गरीबों और बेघर लोगों का जीवन दूभर हो गया है. कड़ाके की इस ठंड के बीच पंजाब के पठानकोट से मानवता की एक दिल जीतने वाली कहानी सामने आई है. यहां भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले राजू ने अपनी तंगी को दूसरों के लिए उम्मीद की किरण में बदल दिया.

राजू ने भीषण ठंड से ठिठुर रहे लोगों की मदद के लिए एक अनोखा ‘कंबल लंगर’ लगाया. अपनी जरूरतों को दरकिनार करते हुए, उन्होंने करीब 500 कंबल बेघर और जरूरतमंद लोगों के बीच बांटे. उनका यह निस्वार्थ काम कठिन समय में मानवता की एक शक्तिशाली मिसाल बनकर उभरा है.

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पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

राजू दिव्यांग हैं और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं. राजू के लिए समाजसेवा कोई नई बात नहीं है. कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जरूरतमंदों की इसी तरह मदद की थी. उनके कार्यों का प्रभाव इतना गहरा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उनका जिक्र किया था और मानवता के प्रति उनके समर्पण की सराहना की थी. राजू ने कोविड के दौरान जरूरतमंदों के घरों तक राशन पहुंचाया और बच्चों को किताबें और नोटबुक बांटी थीं. इसके अलावा राजू ने करीब 50 गरीब लड़कियों की शादी कराने में भी मदद की है.

10-10 रुपए मांगकर किए जमा

मीडिया से बात करते हुए राजू ने बताया कि उन्होंने लोगों से 10-10 रुपये जैसे छोटे-छोटे दान जमा करके इन कंबलों का इंतजाम किया है. उन्होंने कहा कि ईश्वर सब कुछ करवाता है, मैं तो बस अपना काम कर रहा हूं. लगता है कि भगवान ने मुझे जरूरतमंदों की मदद करने का काम सौंपा है.

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हालांकि, दूसरों की मदद करने वाले राजू के पास खुद का कोई घर नहीं है. उन्होंने सरकार से एक घर की अपील की है.

First published on: Jan 10, 2026 01:12 PM

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