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किस इजरायली ड्रोन से कांपता है पाकिस्तान? PM मोदी के दौरे में हो सकती है बड़ी डील

पीएम मोदी के इजरायल दौरे से 83,000 करोड़ के महा-रक्षा सौदे की राह खुल गई है. आधुनिक मिसाइलों और घातक ड्रोन्स की इस डील ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है.

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 26, 2026 10:57

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के साथ ही दोनों देशों के बीच 10 बिलियन डॉलर यानी करीब 83,000 करोड़ रुपये के विशाल रक्षा सौदे की जमीन तैयार हो गई है. इस महा-सौदे में मिसाइलें, ड्रोन्स, स्मार्ट बम और अत्याधुनिक लेजर हथियार शामिल हैं, जो भारतीय सेना को जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर अजेय बना देंगे. अब यह साझेदारी सिर्फ हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही इन हथियारों को साथ मिलकर बनाने और टेक्नोलॉजी शेयर करने पर टिकी है. इजरायल द्वारा प्रस्तावित ‘हेक्सागन एलायंस’ में भारत की संभावित एंट्री और आईएमईसी (IMEC) कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स ने इस रिश्ते को सामरिक रूप से बेहद खास बना दिया है.

पाकिस्तानी सेना की नींद उड़ाने वाले घातक ड्रोन्स

पाकिस्तान इस समय सबसे ज्यादा इजरायली ड्रोन्स की मारक क्षमता से डरा हुआ है, जिन्होंने 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी ताकत साबित कर दी थी. इसमें सबसे खतरनाक ‘हारोप’ आत्मघाती ड्रोन है, जो घंटों आसमान में मंडराकर दुश्मन के रडार और बंकरों को ढूंढकर खुद को बम की तरह फोड़ देता है. वहीं ‘हेरॉन टीपी’ अपनी लंबी उड़ान क्षमता के कारण आकाश के चील की तरह सरहदों की निगरानी करता है. अडाणी ग्रुप के साथ भारत में बन रहा ‘हर्मेस 900’ यानी दृष्टि-10 ड्रोन तो पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर 24 घंटे नजर रखता है. इन आधुनिक ड्रोन्स के मुकाबले पाकिस्तान के पास कोई ठोस तकनीक नहीं है, जिससे उसकी घबराहट बढ़ना लाजिमी है.

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यह भी पढ़ें: 10 अरब डॉलर का मास्टर प्लान! इजरायल दौरे के दूसरे दिन PM मोदी का शेड्यूल क्या?

मिसाइलें और स्मार्ट बमों का अभेद्य कवच

इस 10 बिलियन डॉलर की डील में कई ऐसे हथियार हैं जो युद्ध की दिशा बदल सकते हैं. इसमें बराक-8 मिसाइल शामिल है जो 100 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के विमान को मार गिराती है, जबकि स्पाइस-1000 जैसे सिस्टम साधारण बमों को भी लेजर-गाइडेड स्मार्ट हथियारों में बदल देते हैं. सुपरसोनिक ‘रैंपेज’ और ‘एयर लोरा’ जैसी मिसाइलें दुश्मन के बंकरों को पलक झपकते ही तबाह करने की ताकत रखती हैं. समुद्र के लिए ‘आइस ब्रेकर’ जैसा एआई (AI) आधारित टॉरपीडो है जो पानी के जहाजों के लिए किसी निंजा की तरह घातक है. इसके अलावा स्पाइक टैंक रोधी मिसाइलें और नेगेव मशीन गन जैसे हथियार भारतीय पैदल सैनिकों की शक्ति को कई गुना बढ़ा देंगे.

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आयरन बीम और आत्मनिर्भर भारत का सपना

इस पूरे सौदे का सबसे बड़ा आकर्षण ‘आयरन बीम’ लेजर हथियार की तकनीक है. यह 100 किलोवाट का ऐसा लेजर सिस्टम है जो किसी भी रॉकेट या ड्रोन को महज 2 डॉलर के मामूली खर्च में हवा में ही भस्म कर देता है. इससे सुरक्षा का खर्च लाखों डॉलर से घटकर चंद रुपयों में आ जाएगा. इस डील का असली मकसद भारत को हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. पीएम मोदी का यह दौरा दुनिया को साफ संदेश दे रहा है कि भारत अब किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पहले से कहीं ज्यादा तैयार और ताकतवर है. इस बढ़ती ताकत ने पाकिस्तान को कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर बैकफुट पर धकेल दिया है.

First published on: Feb 26, 2026 10:36 AM

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