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'ये कैसी पब्लिसिटी है…', छात्रों पर पुलिस की बर्बरता को लेकर हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

जंतर-मंतर पर पुलिस की बर्बरता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के पास कई याचिकाएं पहुंची, जिनपर बुधवार को सुनवाई हुई. अदालत ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं.

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Credit: News24

20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से जो तस्वीरें सामने आईं, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों ने छात्रों पर लाठीचार्ज की और आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस की बर्बरता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के पास कई याचिकाएं पहुंची, जिनपर बुधवार को सुनवाई हुई. अदालत ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं और चार हफ्तों के अंदर जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने सीसीटीवी और वीडियो फुटेज समेत तमाम रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.

ये भी पढ़ें: प्रदर्शन के बीच CJP ने रखी चार शर्तें, कहा- जब तक ये पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा

कोर्ट में हुई तीखी बहस

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों और दिल्ली पुलिस-केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस राजू के बीच ज़ुबानी जंग हुई. याचिकाकर्ताओं के वकीलों का आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर हमले हुए. उन्होंने कहा कि पुलिस ने कील लगे हुए डंडों का इस्तेमाल किया और कई पुलिसकर्मियों के पास उनका बैज तक नहीं था. वकीलों ने कहा कि पुलिस के इस अत्याचार के उनके पास 100 से ज्यादा वीडियो सबूत हैं. ASG एस राजू ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भीड़ पर काबू करने में पुलिसकर्मी भी घायल हुए. उन्होंने कहा कि ये याचिकाएं सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए दायर की गईं.

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कोर्ट ने लगाई फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने ASG के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो ये कैसे कह सकते हैं कि ये पब्लिसिटी के लिए किया गया है. वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि वहां सभी अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार हुए, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई, 90 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए. वकीलों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. ASG राजू ने जवाब दिया कि ऐसे कई वीडियो हैं जिनसे ये पता चलता है कि पुलिसकर्मी घायल हुए थे. उन्होंने कहा कि कई ऐसे भी वीडियो हैं जिसमें प्रदर्शनकारियों को पुलिस पर पत्थर फेंकते नज़र आए, लेकिन वो ये कहकर सच्चाई पर पर्दा डाल रहे हैं कि पत्थर पुलिस लेकर आई थी.

ये भी पढ़ें: ‘छात्रों पर ना हो कोई कार्रवाई…’, सोनम वांगचुक ने सरकार को चिट्ठी लिखकर रखी अनशन खत्म करने की शर्त

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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