2021 में वेस्ट बंगाल का विधानसभा चुनाव 8 चरणों मे हुआ था, अब 2026 में होने वाला चुनाव सिर्फ 2 चरणों मे संपन्न कराया जा रहा है. बता दें, वेस्ट बंगाल में सरपंच के चुनाव से लेकर विधानसभा हो या फिर लोकसभा का चुनाव यहां हिंसा होना आम घटना जैसी बातें हो गई है, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बेहद ही कड़ा रुख अपना रखा है, ताबड़तोड़ अधिकारियों के तबादले के साथ ही पैरा मिलिट्री फोर्स की कई बटालियन को वहां पर भेजा है. इस बार के चुनाव को शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए वेस्ट बंगाल में 2400 पैरा मिलिट्री कंपनी के जवान को तैनात किया गया है. 2400 कंपनी का मतलब 2 लाख 40 हजार से है, इसमें अफसर से लेकर कांस्टेबल तक शामिल है. इसके अलावा सीआरपीएफ के लगभग दो सौ मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन को भी अब तैनात कर दिया गया है.
यह मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन से सीआरपीआफ की टीम वेस्ट बंगाल के लगभग सभी जिलों में 24 घंटे पेट्रोलिंग कर रही है.
मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों में तैनात सीआरपीआफ के कमांडो आम लोगों से घुल मिलकर बातचीत भी कर रहे है और उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश में लगे है कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है, वे उनकी सुरक्षा के लिए तैनात है. अगर कोई उपद्रव फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके साथ बेहद ही शक्ति से निपटा भी जाएगा.
सीआरपीआफ के एक आईजी ने बातचीत में कहा कि हमारी तैनाती से लोगों में आत्मविश्वास तो बढ़ा है लेकिन हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है क्योंकि चुनाव 2 चरणों में होना है. लेकिन हमारा एक ही लक्ष्य है कि बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सम्पन्न हो जाये।
मार्क्समैन बुलेटप्रूफ वाहन क्या खासियत
यह पहला आत्मनिर्भर भारत से बना बुलेटप्रूफ वाहन है. इसकी ऐसी ताकत है कि इस वाहन पर अगर कोई ग्रेनेड भी फेकेगा तो वाहन को कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचेगा. इस वाहन में एक साथ 6 सुरक्षाकर्मी के बैठने की सुविधा है. फिलहाल इस वाहन की तैनाती जम्मू कश्मीर के अशांत इलाकों में की गई है. लेकिन बंगाल चुनाव को देखते हुए इसे भेजा गया है.
इस वाहन का खास काम वीवीआइपी सिक्योरिटी के साथ चलना और बी6 लेवल की सुरक्षा प्रदान करना है.
बी6 सिक्युरिटी का मतलब आर्म्स से है. इस वाहन में मौजूद आर्म्स में 7.62x51 mm और 7.62x39 mm की माइल्ड स्टील कोर बुलेट जैसे आर्म्स से निकली गोलियों को 10 मीटर की दूरी से रोकने में की ताकत रखता है. इस वाहन की टायर में रन-फ्लैट लगे हुए है जिसपर गोली का असर नहीं होगा.
बात अगर करें अत्याधुनिक आर्म्स की तो इस पर चाहे A.K 47 या फिर एसएलआर, या इंसास से अगर अटैक किया गया तो भी किसी भी तरह का असर नहीं होगा. इस वाहन में वाहन में रियर-व्यू कैमरा भी लगाया गया है जो एक ही जगह पर खड़े होकर 360 डिग्री तक निगरानी कर सकता है.
कुल मिलाकर इस बार का विधानसभा चुनाव कुछ अलग ही तरह का होने जा रहा है. क्योंकि गृह मंत्रालय की तरफ से यह साफ निर्देश दे दिया गया है कि हिंसा फैलाने वाले को पकड़ना नहीं है ग्राउंड जीरो पर ही सजा देना है.
2021 में वेस्ट बंगाल का विधानसभा चुनाव 8 चरणों मे हुआ था, अब 2026 में होने वाला चुनाव सिर्फ 2 चरणों मे संपन्न कराया जा रहा है. बता दें, वेस्ट बंगाल में सरपंच के चुनाव से लेकर विधानसभा हो या फिर लोकसभा का चुनाव यहां हिंसा होना आम घटना जैसी बातें हो गई है, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने बेहद ही कड़ा रुख अपना रखा है, ताबड़तोड़ अधिकारियों के तबादले के साथ ही पैरा मिलिट्री फोर्स की कई बटालियन को वहां पर भेजा है. इस बार के चुनाव को शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए वेस्ट बंगाल में 2400 पैरा मिलिट्री कंपनी के जवान को तैनात किया गया है. 2400 कंपनी का मतलब 2 लाख 40 हजार से है, इसमें अफसर से लेकर कांस्टेबल तक शामिल है. इसके अलावा सीआरपीएफ के लगभग दो सौ मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन को भी अब तैनात कर दिया गया है.
यह मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन से सीआरपीआफ की टीम वेस्ट बंगाल के लगभग सभी जिलों में 24 घंटे पेट्रोलिंग कर रही है.
मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों में तैनात सीआरपीआफ के कमांडो आम लोगों से घुल मिलकर बातचीत भी कर रहे है और उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश में लगे है कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है, वे उनकी सुरक्षा के लिए तैनात है. अगर कोई उपद्रव फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके साथ बेहद ही शक्ति से निपटा भी जाएगा.
सीआरपीआफ के एक आईजी ने बातचीत में कहा कि हमारी तैनाती से लोगों में आत्मविश्वास तो बढ़ा है लेकिन हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है क्योंकि चुनाव 2 चरणों में होना है. लेकिन हमारा एक ही लक्ष्य है कि बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सम्पन्न हो जाये।
मार्क्समैन बुलेटप्रूफ वाहन क्या खासियत
यह पहला आत्मनिर्भर भारत से बना बुलेटप्रूफ वाहन है. इसकी ऐसी ताकत है कि इस वाहन पर अगर कोई ग्रेनेड भी फेकेगा तो वाहन को कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचेगा. इस वाहन में एक साथ 6 सुरक्षाकर्मी के बैठने की सुविधा है. फिलहाल इस वाहन की तैनाती जम्मू कश्मीर के अशांत इलाकों में की गई है. लेकिन बंगाल चुनाव को देखते हुए इसे भेजा गया है.
इस वाहन का खास काम वीवीआइपी सिक्योरिटी के साथ चलना और बी6 लेवल की सुरक्षा प्रदान करना है.
बी6 सिक्युरिटी का मतलब आर्म्स से है. इस वाहन में मौजूद आर्म्स में 7.62×51 mm और 7.62×39 mm की माइल्ड स्टील कोर बुलेट जैसे आर्म्स से निकली गोलियों को 10 मीटर की दूरी से रोकने में की ताकत रखता है. इस वाहन की टायर में रन-फ्लैट लगे हुए है जिसपर गोली का असर नहीं होगा.
बात अगर करें अत्याधुनिक आर्म्स की तो इस पर चाहे A.K 47 या फिर एसएलआर, या इंसास से अगर अटैक किया गया तो भी किसी भी तरह का असर नहीं होगा. इस वाहन में वाहन में रियर-व्यू कैमरा भी लगाया गया है जो एक ही जगह पर खड़े होकर 360 डिग्री तक निगरानी कर सकता है.
कुल मिलाकर इस बार का विधानसभा चुनाव कुछ अलग ही तरह का होने जा रहा है. क्योंकि गृह मंत्रालय की तरफ से यह साफ निर्देश दे दिया गया है कि हिंसा फैलाने वाले को पकड़ना नहीं है ग्राउंड जीरो पर ही सजा देना है.