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देश

20 साल से वांटेड, 3.50 लाख इनाम; कौन था नक्सली विक्रम गौड़ा, जो मुठभेड़ में मारा गया?

Naxalist Vikram Gowda Encounter: कर्नाटक में 20 साल में पहली बार किसी नक्सली को मारा गया है। एनकाउंटर करके उसे ढेर कर दिया गया। पुलिस को पिछले 20 साल से उसकी तलाश थी और उसके ऊपर 2 राज्यों की पुलिस ने इनाम भी रखा हुआ था।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Nov 19, 2024 14:08
Naxalist Vikram Gowda
Naxalist Vikram Gowda

Wanted Naxalist Vikram Gowda Killed: कर्नाटक में 20 साल से वांछित और साढ़े 3 लाख के इनामी नक्सली नेता विक्रम गौड़ा उडुपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी बल (ANF) ने विक्रम को घेरकर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में जब नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू की तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें विक्रम गौड़ा की मौत हो गई।

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने इसकी पुष्टि की और बताया कि उडुपी जिले के कब्बीनाले वन क्षेत्र में सोमवार देर रात मुठभेड़ में भगोड़ा और वांछित नक्सली नेता विक्रम गौड़ा को मार दिया गया है। विक्रम गौड़ा को गोली लगने के बाद नक्सली भाग निकले। यह कर्नाटक में 20 साल में किसी नक्सली की हुई पहली मौत है। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

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अब पुलिस को 7 नक्सलियों की तलाश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 44 साल क विक्रम गौड़ा उडुपी में हेबरी के पास एक जगह से ताल्लुक रखता है। उसको साल 2021 में केरल पुलिस द्वारा 50 वर्षीय बीजी कृष्णमूर्ति उर्फ ​​गंगाधर की गिरफ्तारी के बाद अंतिम नक्सली नेता माना गया था। चिकमगलूर के रहने वाले कृष्णमूर्ति प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य और पश्चिमी घाट विशेष क्षेत्रीय समिति के सचिव थे।

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विक्रम गौड़ा कर्नाटक के 8 बचे हुए अंडरग्राउंड नक्सलियों में से एक था। उसकी मौत के साथ ही अब 7 नक्सली बच गए हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है, जिनमें से 4 महिलाएं भी शामिल हैं। 2021 में विक्रम गौड़ा की पूर्व पत्नी सावित्री (35) को भी गिरफ्तार किया गया था। सावित्री उर्फ ​​रजिता उर्फ ​​उषा काबिनी दलम कमांडर और एरिया कमेटी की सदस्य थी, जो 2004 से नक्सलियों के ग्रुप का हिस्सा थी।

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पिछले हफ्ते दिखने के बाद से जारी थी तलाश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम गौड़ा सोमवार रात को अपनी टीम के साथ किराने का सामान लेने के लिए कब्बीनाले गांव गया था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद उन्हें घेरकर हमला किया गया। दोनों ओर से हुई कार्रवाई में विक्रम मारा गया। विक्रम पर कर्नाटक पुलिस ने 3 लाख रुपये और केरल पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। कर्नाटक में पहली बड़ी नक्सलियों और पुलिस की मुठभेड़ 2003 में हुई थी।

17 नवंबर 2003 को उडुपी जिले के करकला में इदु के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ में 2 महिला नक्सलियों सुमति 24 साल और उषा 23 साल मारी गईं। खूंखार नक्सली विक्रम गौड़ा 20 साल से वांछित था। वह कई मुठभेड़ों में बच निकला था। वह एक नक्सली के रूप में सक्रिय था और लगातार राज्यों के बीच घूमता रहता था। पिछले हफ़्ते विक्रम को राजू और लता नामक 1 नक्सलियों को देखा गया था, तब से उसकी तलाश जारी थी।

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First published on: Nov 19, 2024 01:50 PM

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