मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है. बुधवार देर रात संदिग्ध कुकी उग्रवादियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त मुठभेड़ देखने को मिली. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उग्रवादियों ने सेना की चौकी को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी. इसके जवाब में वहां तैनात सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की. करीब आधे घंटे तक चली इस गोलीबारी ने इलाके में एक बार फिर दहशत का माहौल पैदा कर दिया है.
सेना के पोस्ट पर रात के अंधेरे में हमला
यह पूरी घटना रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई जब फौलजांग और गोतोल इलाके की तरफ से हथियारबंद उग्रवादियों ने फौगाकचाओ आवांग लेइकाई स्थित भारतीय सेना के पोस्ट पर हमला बोल दिया. वहां मौजूद सीआरपीएफ की 58वीं बटालियन ने उग्रवादियों को करारा जवाब दिया जिसके बाद दोनों तरफ से काफी देर तक गोलियां चलती रहीं. गनीमत यह रही कि इस अचानक हुए हमले में सुरक्षा बलों को मुस्तैदी की वजह से बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ा. रात के सन्नाटे में गोलियों की गूंज से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी लोग सहम गए.
यह भी पढ़ें: ट्रेंड की खुमारी! हिल स्टेशन पर बर्थडे मनाने के लिए की लूट, दिल्ली में 7 नाबालिग गिरफ्तार
सुरक्षा बलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू
मुठभेड़ थमने के तुरंत बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ, राज्य पुलिस और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) ने मिलकर एक बड़ा संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ दिया है. सुरक्षा बल उन पहाड़ी इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं जहां से उग्रवादियों के छिपे होने की आशंका है. पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि क्षेत्र में दोबारा ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो सके.
शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील
मणिपुर प्रशासन और सुरक्षा बलों ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है. मणिपुर पिछले काफी समय से जातीय हिंसा और तनाव के दौर से गुजर रहा है जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सुरक्षा बलों के लिए इस संवेदनशील इलाके में शांति बहाल करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. अधिकारियों ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गश्त बढ़ा दी गई है ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.










