3 सेक्टर में नहीं दी गई कोई रियायत
बता दें कि सरकारी सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील करते हुए भारत ने कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों को सुरक्षित रखा है और अमेरिका को इनसे जुड़ी कोई रियायत नहीं दी गई है. भारत ने स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर से समझौता नहीं किया है और अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में भी भारत सरकार ने इस ट्रेंड को बरकरार रखा है.
4 फरवरी को अनाउंस हुई थी डील
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 फरवरी 2026 दिन बुधवार को भारत के साथ ट्रेड डील करने और भारत पर लगा टैरिफ घटाने का ऐलान किया था. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत के बारे में बताया और दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर की डील की है और भारत इस डील के बाद रूस से तेल का आयात बंद करेगा. अमेरिकी उत्पादों को अपने बाजार में जीरो टैरिफ पर एंट्री देगा.
डील से पाकिस्तानियों को लगी मिर्ची
बता दें कि भारत और अमेरिका की ट्रेड डील से पाकिस्तानियों को बड़ी मिर्ची लगी है. क्योंकि एक तो भारत का टैरिफ पाकिस्तान के टैरिफ से कम हो गया. दूसरा, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान ने अमेरिका से नजदीकियां बढ़ानी शुरू की हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर को वाशिंगटन बुलाकर मुलाकात की. पाकिस्तान ने राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट किया. पाकिस्तान ने राष्ट्रपति ट्रंप के पीस बोर्ड को भी जॉइन किया है, लेकिन बावजूद इसके पाकिस्तान को न ट्रेड डील मिली और न ही टैरिफ में कोई राहत मिली.