तिरुपति बालाजी मंदिर जाने का बना रहे प्लान तो पढ़ लें ये खबर, वरना जान-माल का होगा नुकसान
Tirumala Tirupati Balaji temple: यदि आप आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं तो ये आपके लिए काम की खबर है। अब कठिन चढ़ाई करने वाले भक्तों को अपने साथ एक डंडा रखना अनिवार्य कर दिया गया है। पिछले हफ्ते रास्ते में एक 6 साल की लड़की पर तेंदुए […]
Edited By : Bhola Sharma|Updated: Feb 16, 2024 23:03
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Tirumala Tirupati Balaji temple: यदि आप आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं तो ये आपके लिए काम की खबर है। अब कठिन चढ़ाई करने वाले भक्तों को अपने साथ एक डंडा रखना अनिवार्य कर दिया गया है। पिछले हफ्ते रास्ते में एक 6 साल की लड़की पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। जिसमें बच्ची की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने सुरक्षा के कड़े उपाय किए हैं। पैदल मार्ग से मंदिर पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को अब एक सिक्योरिटी गार्ड के साथ 100 के बैच में जाना होगा।
तीर्थयात्रियों को दी जाएगी छड़ी
प्रत्येक श्रद्धालु को जंगली जानवर के हमले की स्थिति में बचाव के लिए एक लकड़ी की छड़ी भी दी जाएगी। तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (TTD) के चेयरपर्सन बी करुणाकर रेड्डी ने कहा कि हम तीर्थयात्रियों को डंडा मुहैया कराएंगे।
तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे रास्ते में खाने-पीने का सामान न फैलाएं। इससे जंगली जीव रास्ते पर आ जाते हैं। बंदरों को भी खाना न खिलाने की बात कही गई है।
तिरुपति मंदिर एक फॉरेस्ट रिजर्व एरिया है। अधिकारियों का कहना है कि पैदल मार्ग में बाड़ लगाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
टीटीडी अधिकारियों ने कहा कि अलीपिरी और तिरुमाला को जोड़ने वाले दोनों पैदल मार्गों और श्रीवारी मेट्टू को जोड़ने वाले एक अन्य मार्ग पर 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ड्रोन कैमरे भी खरीदे जाएंगे। पशु ट्रैकर और डॉक्टर भी चौबीस घंटे उपलब्ध कराए जाएंगे। मार्ग पर फोकस लाइटें लगाई जा रही हैं। रास्ते में चेतावनी वाले बोर्ड भी लगाए गए हैं।
नई गाइडलाइन से श्रद्धालु नाखुश
मंदिर में सिक्योरिटी बढ़ाए जाने से कई श्रद्धालु नाराज हैं। स्वाति किरण ने कहा कि हम इतनी दूर-दराज की जगहों से आते हैं। अगर वे दोपहर 2 बजे के बाद बच्चों को अनुमति नहीं देते हैं, तो हमें पूरी रात अगली सुबह 5 बजे तक इंतजार करना पड़ेगा।
तेंदुए ने हमला कर बच्ची को बनाया था शिकार
बीते शुक्रवार को 6 साल की एक बच्ची लक्षिता और उसका परिवार मंदिर जाने के लिए पैदल रास्ते से जा रहा था। तभी एक तेंदुए ने बच्ची पर हमला कर दिया। हमले में लक्षिता की मौत हो गई। बाद में उसका शव झाड़ियों में मिला। इस घटना के 48 घंटे के बाद तेंदुए को पकड़ लिया गया है।