प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के करीब सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों संग वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की. इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बाद देश में उत्पन्न पेट्रोल-डीजल और गैस संबंधी समस्याओं पर तैयारी और समीक्षा था. मीटिंग में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से स्पष्ट कहा कि देश इस चुनौती से निपटेगा. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध से भारत समेत दुनियाभर में इसका असर देखने को मिला है, लेकिन इन चुनौतियों के बाद भी पीएम मोदी ने कहा कि हमें ‘टीम इंडिया’ की तरह मिलकर इस चुनौती से निपटना होगा.
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से क्या कहा?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के मद्देनजर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ समीक्षा बैठक की.
- पीएम ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपटेगा.
- सरकार की प्राथमिकताएं: आर्थिक व व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा और उद्योग-सप्लाई चेन को मजबूत करना.
- राज्यों से सप्लाई चेन सुचारू रखने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया.
- कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी पर जोर दिया गया.
- बदलती स्थिति से निपटने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र बनाने की आवश्यकता बताई गई.
- सीमा और तटीय राज्यों को शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़े संभावित चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
- अफवाहों और गलत जानकारी के प्रसार पर सख्त चेतावनी, सही और विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर जोर.
- मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और पीएम के नेतृत्व की प्रशंसा की.
- वैश्विक अनिश्चितता के बीच ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का स्वागत किया गया.
- कमर्शियल LPG आवंटन बढ़ाकर 70% करने के फैसले का भी राज्यों ने स्वागत किया.
- राज्यों ने भरोसा जताया कि उनके यहां पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है.
- सभी मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के साथ मिलकर स्थिति से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई.
पीएम मोदी ने एक्स पर किया ये ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक खत्म होने के बाद ट्वीट कर कहा, ‘पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न हालात की समीक्षा के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ बैठक की अध्यक्षता की. हमारी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया गया कि आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के हितों की रक्षा करने तथा उद्योग और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे.’










