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Telegram के 15 करोड़ यूजर्स को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट का बैन हटाने से इनकार, Re-NEET के लिए केंद्र ने लगाई थी रोक

Telegram Ban: भारत में 30 जून तक Telegram पर लगा बैन बरकरार रहेगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। केंद्र सरकार का कहना है कि अब रिस्क नहीं ले सकते, इसलिए 21 जून होने वाले री-नीट एग्जाम के लिए ऐप पर बैन लागू रहेगा।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन मामले में Telegram को बड़ा झटका दिया है। बैन के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसला को बरकार रखा है, जिसमें 21 जून दिन रविवार को होने वाले RE-NEET एग्जाम के लिए Telegram पर 30 जून तक के लिए अस्थायी बैन लगाया गया है। वहीं 22 जून तक ऐप का मैसेज एडिटिंग फीचर ब्लॉक रहेगा। क्योंकि 3 मई को लीक हुआ पेपर Telegram के जरिए ही आरोपियों के द्वारा लाभार्थियों तक पहुंचाया गया था।

Telegram पर पेपर लीक कराने के आरोप

केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए दलील दी है कि Telegram आतंकवादी गतिविधियों के लिए आसान और सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बन गया है। इस पर अकसर पेपर लीक करने के आरोप लगे हैं। जालसाजी करने और साइबर ठगी को अंजाम देने में भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि ऐप पर बैन लगाने से पहले Telegram को बुला कर उनका पक्ष सुना गया था। मामले की सुनवाई कैबिनेट सचिव के नेतृत्व वाली टीम को सौंपी गई थी।

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हाई कोर्ट ने केंद्र के आदेश को संगत बताया

जस्टिस तेजस कारिया ने फैसला सुनाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत जारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि केंद्र सरकार ने अस्थायी और कम समय के लिए प्रतिबंध लगाय है। यह नहीं कहा जा सकता कि आदेश असंगत है। क्योंकि यह पेपर लीक की संभावनाओं के मद्देनजर लिया गया फैसला है। इसलिए केंद्र सरकार का फैसला बरकरार रहेगा और Telegram को इसमें सहयोग करना ही होगा।

Telegram के फीचर्स ही बैन करने की वजह

Telegram ऐप के फीचर्स ही उस पर बैन की वजह बने है। दरअसल Telegram पर एक ग्रुप में करीब 2 लाख लोग जोड़े जा सकते हैं। ऐप पर हैवी से हैवी फाइल्स को सेव कर सकते हैं। मोबाइल नंबर के बिना भी Telegram पर अकाउंट बनाया जा सकता है। Telegram और Whatsapp दोनों ही मैसेजिंग ऐप हैं, लेकिन प्राइवेसी के मामले में Telegram ऐप व्हाट्सऐप से बहुत ज्यादा आगे है। Telegram यूजरनेस बनाने की भी सुविधा देता है, लेकिन व्हाट्सऐप पर ऐसी सुविधा नहीं मिलती।

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First published on: Jun 19, 2026 10:42 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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