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आवारा कुत्तों पर SC का बड़ा फैसला, 2025 का आदेश रखा बरकरार, दिए 9 कड़े निर्देश, खारिज की सभी याचिकाएं

Supreme Court Stray Dogs: देशभर के डॉग लवर्स को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर साल 2025 में लागू किया गया आदेश कायम रखा है। इसमें किसी तरह का बदलाव करने से इनकार करते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के डॉग लवर्स को आज मंगलवार को बड़ा झटका दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में दायर की सभी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि साल 2025 में दिया गया आदेश लागू रहेगा। आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने का आदेश नहीं बदला जाएगा। याचिकाओं में कहा गया था कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी (वैक्सीनेशन) करके वापस छोड़ दिया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह अपील नहीं मानी।

3 जजों की बेंच ने अहम फैसला सुनाया

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने फैसला सुनाया और कहा कि लोगों की जान की रक्षा और सुरक्षा ज्यादा जरूरी है, इसलिए सड़कों पर घूम रहे खतरनाक और बीमार कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है। निर्देश माने जाएं और जो न माने, उस पर अवमानना का केस चलेगा। राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक महीने में कुत्तों के काटने की 1084 घटनाएं हुईं। तमिलनाडु में साल के पहले 4 महीनों में 2 लाख घटनाएं रिकॉर्ड हुईं।

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सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने दिए ये 9 निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) के नियमों को मजबूत करके उन्हें राज्य सरकारें सही तरीके से लागू करें। देश के हर जिले में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर) बनाया जाए, जो पूरी तरह काम भी करे। जनसंख्या के हिसाब से ABC सेंटरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और पशु कल्याण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर सुप्रीम कोर्ट के सभी आदेश और आवारा कुत्तों से जुड़े नियम लागू किए जाएं।

एंटी-रेबीज की दवाइयां पूरे देश में उपलब्ध कराकर इनकी पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित की जाए। नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं और आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्हें हटाने के प्रबंध किए जाएं। रेबीज से संक्रमित या बेहद खतरनाक कुत्तों के लिए कानून के तहत जरूरत पड़ने पर यूथेनेशिया (दया मृत्यु) का इस्तेमाल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने वाले नगर निगम और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ FIR या सख्त कानूनी कार्रवाई न की जाए।

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नवंबर 2025 का ये आदेश लागू रहेगा

बता दें कि अगस्त 2025 में जस्टिस जेबी परदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने दिल्ली-NCR की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया। साथ ही कुत्तों की नसबंदी करके उन्हें वापस छोड़ने का निर्देश भी दिया। इस काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। 3 महीने बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को एक नया आदेश देकर पालन सुनिश्चित करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और खेल के मैदानों से आवारा कुत्ते हटाए जाएं। शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों के चारों तरफ बाउंड्री बनाकर आवारा कुत्तों को अंदर आने से रोका जाए। पकड़े गए कुत्तों को वैक्सीनेशन के बाद भी दोबारा न छोड़ा जाए। इस आदेश के खिलाफ ही याचिकाएं दायर हुई थीं, जिन पर जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया ने सुनवाई करके 29 जनवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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First published on: May 19, 2026 10:57 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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