---विज्ञापन---

देश के दो वकीलों की कहानी…एक बने चीफ जस्टिस तो दूसरे राष्ट्रपति

Justice B.V. Nagarathna: अपने संबोधन के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना भावुक दिखीं, उन्होंने कहा कि वह इसे अपना सौभाग्य मानती हैं कि उन्हें अपने पिता के बहुमुखी व्यक्तित्व से जीवन के महत्वपूर्ण सबक मिले।

Justice B.V. Nagarathna: सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने रविवार को एक कार्यक्रम में अपने पिता और देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ई.एस. वेंकटरमैया के कार्यकाल और उनके प्रति अपनी मां के आजीवन समर्थन को याद किया। दरअसल, वह बेंगलुरू में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में एक सभा को संबोधित कर रही थीं।

लॉ स्कूल ने मुख्य न्यायाधीश वेंकटरमैया की जन्म शताब्दी के अवसर पर एक व्याख्यान का आयोजन किया था। बता दें जस्टिस वेंकटरमैया ने रिटायर होने के बाद बेंगलुरू लॉ स्कूल में पढ़ाया भी था। बता दें जस्टिस नागरत्ना 2027 में पहली महिला चीफ जस्टिस बनने की कतार में हैं।

---विज्ञापन---

नागपुर में वकीलों का अखिल भारतीय सम्मेलन था

कार्यक्रम के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने देश के दो वकीलों की कहानी बताई, जिनमें से एक उनके पिता जो बाद में देश के चीफ जस्टिस बने और दूसरे आर वेंकटरमन जो बाद में देश के राष्ट्रपति बने थे। जस्टिस नागरत्ना ने बताया कि बात दिसंबर 1946 की है। नागपुर में वकीलों का अखिल भारतीय सम्मेलन था। उन्होंने बताया कि उस समय चूंकि बैंगलोर और नागपुर के बीच कोई सीधी ट्रेन नहीं थी तो इसलिए ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों को चेन्नई जाना पड़ता था।

---विज्ञापन---

43 साल बाद राष्ट्रपति भवन में दोबारा हुई मुलाकात 

इस सम्मलेन में शामिल होने के लिए एक डिब्बे में बैंगलोर और मद्रास से कुछ वकील यात्रा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन में सफर कर रहे दो वकील इस सम्मेलन के करीब 43 साल बाद जून 1989 में राष्ट्रपति भवन में दोबारा मिले। ये थे पहले राष्ट्रपति आर वेंकटरमन और दूसरे जिन्हें वह देश के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ दिलाने वाले थे उनके पिता न्यायमूर्ति ईएस वेंकटरमैया।

पिता की बात करते हुए न्यायमूर्ति नागरत्ना हुईं भावुक

अपने संबोधन के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना भावुक दिखीं, उन्होंने कहा कि वह इसे अपना सौभाग्य मानती हैं कि उन्हें अपने पिता के बहुमुखी व्यक्तित्व से जीवन के महत्वपूर्ण सबक मिले। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा उनके मार्गदर्शन में कानून की छात्रा रही हूं। मैंने उनके व्यक्तित्व में एक ताकत देखी है, जिसने मेरे व्यक्तिगत विश्वास को और मजबूत किया है कि अच्छे काम के लिए लड़ना सबसे अधिक फायदेमंद होता है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: पॉपकॉर्न से लेकर चावल तक, देश में क्या हुआ सस्ता-महंगा? GST Council की बैठक में हुए कई बड़े फैसले

First published on: Dec 22, 2024 03:50 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola