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देश

‘झूठी शिकायतें करने वाले को सजा होगी’, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र-राज्य सरकारों और मानवाधिकार आयोग को नोटिस

Supreme Court Notice: सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया गया है। मानवाधिकार आयोग को भी नोटिस जारी करके आदेश दिया गया है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Feb 26, 2026 15:24
Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर विशेष संज्ञान लेकर सुनवाई की।

Supreme Court Notice: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है। नोटिस में वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर जवाब मांगा गया है। याचिका में केंद्र और राज्य अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि सभी पुलिस स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों पर यह डिस्पले किया किया जाए कि झूठी शिकायतें, आरोप, बयान, सूचना और साक्ष्य दर्ज कराने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के उचित कानूनी प्रावधानों के तहत शिकायतकर्ता को सजा होगी।

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बेंच ने जनहित याचिका का मकसद बताया

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जनहित याचिका (PIL) का उद्देश्य फर्जी मामलों में फंसाए जाने वाले निर्दोष नागरिकों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में झूठे शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का प्रावधान है, जबकि पहले इंडियन पैनल कोड (IPC) में यह नहीं था। PIL में यह मांग भी की गई है कि शिकायतकर्ता को भी नए नियम का संज्ञान होना चाहिए कि अगर उसके द्वारा की गई शिकायत, लगाया गया आरोप, दिया गया बयान, दी गई सूचना झूठी निकली तो शिकायतकर्ता को कानून के अनुसार दंड मिलेगा।

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NCERT को CJI ने लगाई कड़ी फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने आज नेशनल काउंसिल ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को कड़ी फटकार लगाई। 8वीं की किताब में न्यायपालिका को लेकर ज्यूडिशियरी करप्शन नामक चैप्टर जोड़ा गया। इस पर चीफ जस्टिस ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की और काउंसिल को फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि काउंसिल ने न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश की है, इसकी परमिशन नहीं दी जा सकती। किताब में चैप्टर क्यों जोड़ा गया, इसका जवाब लेने के लिए बेंच न कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही काउंसिल की हरकत को अदालत की अवमानना मानते हुए अवमानना नोटिस भी जारी किया है।

First published on: Feb 26, 2026 02:30 PM

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