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13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया! माता-पिता की मंजूरी जरूरी; जानिए संसद में पेश बिल की मुख्य बातें

शील्ड बिल 2025 में 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को बच्चा माना गया है. इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग सर्विस और अन्य डिजिटल इंटरमीडियरी के लिए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अलग नियम लागू करने की बात कही गई है.

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दुनिया के कई देशों में 13 से 16 साल तक के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाकर सरकार ने बड़ा उदाहरण पेश किया. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अब भारत में भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है, हालांकि माता-पिता की मंजूरी के बाद ही बच्चे ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस कर सकेंगे. संसद के मानसून सत्र में इससे संबंधित बिल भी प्रस्तावित किया गया है, जिसे ‘सेफगार्डिंग हेल्थी इंटरनेट एनवार्यमेंट फॉर लिटिल डिजिटल नेटिव्स (शील्ड) बिल, 2025’ नाम दिया गया है.

बच्चों के लिए सुरक्षित इंटरनेट बनाने का प्रस्ताव

गौरतलब है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में बच्चों की बढ़ती मौजूदगी के बीच उनकी डिजिटल सुरक्षा को लेकर संसद में ये प्रस्ताव लाया गया है. बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की ओर से पेश SHIELD Bill, 2025 में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बिना पैरेंट्स वैरिफिकेशन के अकाउंट बनाने से रोकने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही नाबालिगों की ऑनलाइन एक्टिविटी की निगरानी, उनकी प्रोफाइलिंग और एड्स के जरिए उन्हें निशाना बनाने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है.

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शील्ड बिल 2025 में 18 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को बच्चा माना गया है. इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग सर्विस और अन्य डिजिटल इंटरमीडियरी के लिए बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अलग नियम लागू करने की बात कही गई है. हालांकि, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट को लेकर पैरेट्स की अनुमति को जरूरी बनाया गया है.

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प्लेटफॉर्म पर होगा एज वेरिफिकेशन


आपको बता दें कि शील्ड बिल में नाबालिगों तक पहुंच रखने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए अनिवार्य एज-वेरिफिकेशन सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा माता-पिता या अभिभावकों के लिए एक ऐसा कंट्रोल डैशबोर्ड उपलब्ध कराने की बात कही गई है, जिसके जरिए वे बच्चे की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे. इसमें प्राइवेसी सेटिंग बदलने, कुछ सेवाओं को प्रतिबंधित करने और स्क्रीन टाइम सीमित करने जैसी ऑप्शन शामिल होंगे.

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First published on: Aug 08, 2026 01:11 PM

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