सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को एक निर्माणाधीन सुरंग के भीतर संदिग्ध मिथेन गैस रिसाव के कारण जोरदार धमाका हो गया. इसके बाद हुए भूस्खलन ने टनल के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया. इस हादसे की वजह से करीब दो दर्जन से ज्यादा मजदूर सुरंग के अंदर ही फंस गए हैं. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई एजेंसियों का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक जारी है. लेकिन टनल के भीतर फैली जहरीली गैस, शून्य दृश्यता और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं.

किस टनल में हुआ ब्लास्ट?

यह पूरी घटना एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के एडीआईटी टनल की है, जिसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग द्वारा किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के भीतर करीब 1.5 किलोमीटर अंदर भारी मात्रा में मिथेन गैस जमा हो गई थी. इस एकत्रित गैस को बाहर निकालने के प्रयास के दौरान अचानक एक जोरदार विस्फोट हो गया. धमाके के झटके से टनल का एक हिस्सा ढह गया और मलबा गिरने से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया. हादसे के तुरंत बाद कुछ मजदूर किसी तरह जान बचाकर बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन कई अन्य गहराई में ही फंस गए.

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रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बीमार पड़े बचावकर्मी

जिला प्रशासन को दोपहर करीब 3.40 बजे इस हादसे की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर पहुंच गईं.

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रंगपो फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज द्वारा शुरू किया गया पहला रेस्क्यू ऑपरेशन उस समय रोकना पड़ा, जब टनल के अंदर कम ऑक्सीजन और जहरीली गैस के कारण बचावकर्मियों को सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी. इस दौरान कई रेस्क्यू कर्मी मौके पर ही बीमार पड़ गए. इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला, लेकिन जानलेवा परिस्थितियों के कारण उनका पहला प्रयास भी असफल रहा. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से गैस-सुरक्षात्मक उपकरणों से लैस एक विशेष रेस्क्यू टीम को सिक्किम बुलाया गया है.

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चट्टानों से गैस रिसाव की आशंका

सिक्किम की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लगभग 27 श्रमिकों के सुरंग के अंदर फंसे होने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि मिथेन गैस के लगातार रिसाव, सुरंग के संकरे रास्ते और घने अंधेरे के कारण ऑपरेशन लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है.

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अधिकारियों का मानना है कि भूस्खलन के कारण भूमिगत चट्टानों में हलचल हुई है, जिससे प्राकृतिक रूप से यह मिथेन गैस निकल रही है, हालांकि इसकी सटीक वजह की अभी पुष्टि होना बाकी है. टनल के बाहर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम को तैनात कर दिया गया है. रेस्क्यू टीमें अब गैस मास्क और विशेष सुरक्षात्मक गियर पहनकर दोबारा सुरंग के भीतर दाखिल होने का प्रयास कर रही हैं.

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