1 क्लिक से 13 करोड़ का नुकसान! व्हाट्स ऐप पर लिंक भेज बुजुर्ग को कर दिया बर्बाद

Cyber criminals duped Rs. 13.26 crore: तेलंगाना में साइबर ठगी का ये संभवतः सबसे बड़ा मामला हो सकता है। बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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Cyber criminals duped Rs. 13.26 crore: ऑनलाइन ठगों ने एक बुजुर्ग को स्टॉक मार्केट में निवेश का झांसा देकर 13 करोड़ रुपये ठग लिए हैं। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने बुधवार को कहा कि बुजुर्ग से ठगी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में बुजुर्ग ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक हैदराबाद के रिटायर्ड कर्मचारी को ठगों ने व्हाट्स ऐप पर स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स का लिंक भेजा। ठगी के शिकार बुजुर्ग को पहले से ही स्टॉक मार्केट में निवेश का अनुभव था और वे इससे फायदा भी कमा चुके थे। बुजुर्ग ने ठगों के मैसेज का जवाब भेजा।

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इसके बाद ठगों ने उन्हें कई बड़ी कंपनियों जैसे AFSL, Upstox और इंटरनेशनल ब्रोकर्स जैसे कंपनियों के नाम से जुड़ा लिंक भेजा और बुजुर्ग पीड़ित को एक व्हाट्स ऐप ग्रुप में भी ऐड किया। बड़ी कंपनियों के नाम से जुड़ा लिंक होने की वजह बुजुर्ग ने किसी तरह का शक नहीं जताया।
ठगों ने खुद को नामी गिरामी कंपनियों का प्रतिनिधि बताते हुए बुजुर्ग को स्टॉक मार्केट से जुड़ी सलाह दी और उन्हें निवेश करने के लिए तैयार कर लिया। बुजुर्ग व्यक्ति को यह समझ नहीं आया कि उन्होंने जिस लिंक पर क्लिक किया है, वह फर्जी वेबसाइट और ऐप्स के लिंक हैं।

ठगों ने शुरुआत में बुजुर्ग को हल्का प्रॉफिट दिखाया और विश्वास कायम होने के लिए उन्हें पैसे भी निकालने दिए। विश्वास जमते ही बुजुर्ग ने एक झटके में 13 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। और इसके बाद ठगों ने उन्हें जवाब देना बंद कर दिया। तब जाकर उन्हें समझ आया कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं।

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8.6 करोड़ की ठगी का मामला

इससे पहले हैदराबाद में ही साइबर ठगों ने एक व्यक्ति से 8.6 करोड़ रुपये ठग लिए थे। अगस्त महीने में जांच के दौरान तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने पाया कि पैसे का कुछ भाग एक बैंक अकाउंट में भेजा गया है, जोकि 25 वर्षीय मोहम्मद अथिरपाशा के नाम से है। अथिरपाशा हैदराबाद मेट्रो रेल में कार्यरत है। पूछताछ में पुलिस ने पाया कि मामले में दो और लोगों की भागीदारी है। इसमें हिमायतनगर का रहने वाला अराफात खालेद मोहिउद्दीन (25) और चारमीनार फाते दरवाजा इलाके में रहने वाला सैयद खाजा हाशिमुद्दीन (24) भी शामिल हैं।

अथिरपाशा ने स्वीकार किया कि अराफात और सैयद खाना ने उसके नाम पर म्यूल अकाउंट खोला था। इस अकाउंट का प्रयोग दोनों फर्जी तरीके से पैसे निकालने और भेजने के लिए करते थे। अथिरपासा के मुताबिक मामले में मुख्य आरोपी ने उनसे ऑनलाइन संपर्क किया था, जोकि क्रिप्टोकरेंसी में डील करता है। अथिरपासा से संपर्क के दौरान मुख्य आरोपी ने म्यूल अकाउंट की मांग की थी।

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अथिरपासा के अकाउंट में मौजूद पैसे को निकाल लिया गया। उसे क्रिप्टोकरेंसी में कन्वर्ट किया और फिर मुख्य आरोपी को भेज दिया गया। अभी तक मामले में मुख्य आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। साइबर सिक्योरिटी टीम ने अथिरपाशा, अराफात और सैयद खाजा को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में जांच जारी है।

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