Sabse Bada Sawal, 16 May 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज मैं सबसे बड़ा सवाल में बात करने वाला हूं पहलवानों की, यौन शोषण की, धरने की, इंसाफ की लड़ाई की, बजरंगबली की। और एक अहम खुलासे की। ये सनसनीखेज खुलासा है। 18 जनवरी को पहलवान बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पहली बार जंतर-मंतर पर बैठे थे। तब कमेटी बनी थी। कहा गया था कि न्याय दिलाएंगे। सख्त कार्रवाई करेंगे।
इसके लिए खेल मंत्रालय ने ओवरसाइट कमेटी बनाई, और ओलंपिक संघ ने एक कमेटी बनाई। ओवरसाइट कमेटी की अध्यक्ष एमसी मैरीकॉम थीं। सात पहलवान इस कमेटी के सामने बयान दर्ज कराने गए थे। उनसे कहा गया कि ऑडियो-वीडियो प्रूफ दो। क्या महिला को पहले ही पता लग जाना चाहिए कि उसके साथ यौन शोषण होने वाला है? मतलब हर महिला अब अपने साथ स्पाई कमैरा लेकर चले या मोबाइल ऑन रखो। वे तो पिता का प्यार दे रहे थे? यह पहलवानों से कहा गया।
इसमें एक और खास बात। तीन महिला पहलवानों का दावा है कि वे बयान दे रही थी, उस वक्त बार-बार रिकॉर्डिंग रोकी गई। महिलाओं ने विरोध जताया कि इस कमेटी में मर्द भी हैं। वे संकोच कर रही हैं। हम अपने साथ हुई ज्यादती को एक महिला से बता सकते हैं। लेकिन उनकी इस बात को दरकिनार कर दिया गया। इस कमेटी का एक सदस्य जूम कॉल से जुड़ा था। वह जिम में कसरत कर रहा था। क्या आप इसे नॉर्मल मानते हैं। अभी पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। कुछ अंश आए हैं। कहा गया कि भारतीय कुश्ती संघ में कुछ ढांचागत त्रुटियां हैं। बृजभूषण शरण सिंह का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया है। तो आज का सवाल यही है कि हनुमान दिलाएंगे पहलवानों को संजीवनी? पहलवान प्रस्तुत...कमेटी मांगे वीडियो सबूत? देखिए संदीप चौधरी के साथ बड़ी बहस।
https://www.youtube.com/watch?v=_3zechy_iF4
यह भी पढ़ें: Bihar Politics: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ‘मटन-चावल’ पार्टी पर भाजपा का तंज, कहा- शहर से लापता हो गए सैकड़ों कुत्ते
Sabse Bada Sawal, 16 May 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज मैं सबसे बड़ा सवाल में बात करने वाला हूं पहलवानों की, यौन शोषण की, धरने की, इंसाफ की लड़ाई की, बजरंगबली की। और एक अहम खुलासे की। ये सनसनीखेज खुलासा है। 18 जनवरी को पहलवान बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पहली बार जंतर-मंतर पर बैठे थे। तब कमेटी बनी थी। कहा गया था कि न्याय दिलाएंगे। सख्त कार्रवाई करेंगे।
इसके लिए खेल मंत्रालय ने ओवरसाइट कमेटी बनाई, और ओलंपिक संघ ने एक कमेटी बनाई। ओवरसाइट कमेटी की अध्यक्ष एमसी मैरीकॉम थीं। सात पहलवान इस कमेटी के सामने बयान दर्ज कराने गए थे। उनसे कहा गया कि ऑडियो-वीडियो प्रूफ दो। क्या महिला को पहले ही पता लग जाना चाहिए कि उसके साथ यौन शोषण होने वाला है? मतलब हर महिला अब अपने साथ स्पाई कमैरा लेकर चले या मोबाइल ऑन रखो। वे तो पिता का प्यार दे रहे थे? यह पहलवानों से कहा गया।
इसमें एक और खास बात। तीन महिला पहलवानों का दावा है कि वे बयान दे रही थी, उस वक्त बार-बार रिकॉर्डिंग रोकी गई। महिलाओं ने विरोध जताया कि इस कमेटी में मर्द भी हैं। वे संकोच कर रही हैं। हम अपने साथ हुई ज्यादती को एक महिला से बता सकते हैं। लेकिन उनकी इस बात को दरकिनार कर दिया गया। इस कमेटी का एक सदस्य जूम कॉल से जुड़ा था। वह जिम में कसरत कर रहा था। क्या आप इसे नॉर्मल मानते हैं। अभी पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। कुछ अंश आए हैं। कहा गया कि भारतीय कुश्ती संघ में कुछ ढांचागत त्रुटियां हैं। बृजभूषण शरण सिंह का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया है। तो आज का सवाल यही है कि हनुमान दिलाएंगे पहलवानों को संजीवनी? पहलवान प्रस्तुत…कमेटी मांगे वीडियो सबूत? देखिए संदीप चौधरी के साथ बड़ी बहस।
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