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रेलवे में मुआवजे को लेकर रेलमंत्री का बड़ा ऐलान, लॉन्च किया e-RCT पोर्टल, घर बैठे मिलेगा मुआवजा

अब रेलवे में मुआवजे के दावों के लिए यात्रियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे में इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (e-RCT) की शुरुआत कर दी है, जिससे विवादों का निपटारा अब और तेज होगा. वहीं, उन्होंने इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा पर भी बड़ा बयान दिया है.

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में मुआवजे को लेकर बड़ा एलान किया है. रेलवे ने दावा मामलों के तेज और पारदर्शी निपटारे के लिए अपने कामकाज में बड़ा बदलाव करते हुए e-RCT यानी इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल सिस्टम शुरू किया है. यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म उन मामलों के समाधान को आसान बनाएगा, जो रेलवे हादसों, अनहोनी घटनाओं, माल के नुकसान, या किराया विवादों से जुड़े होते हैं. पहले इन मामलों में फाइलिंग से लेकर सुनवाई तक कई तरह की औपचारिकताएं और समय लगता था, लेकिन अब पूरा सिस्टम ऑनलाइन होने से प्रक्रिया काफी तेज और सुविधाजनक हो गई है.

e-RCT क्या है और कैसे काम करेगा?

भारतीय रेलवे में पारदर्शिता और यात्री सुविधाओं को लेकर एक क्रांतिकारी कदम लाते हुए इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल की शुरुआत की गई है. यह पूरी तरह डिजिटल मोड में काम करेगा. e-RCT सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब कोई भी व्यक्ति कभी भी और कहीं से भी अपना दावा ऑनलाइन दर्ज कर सकता है. केस दर्ज करने में चेकलिस्ट आधारित स्क्रूटनी, दस्तावेज़ अपलोड, स्वतः केस अलोकेशन और नोटिस की डिजिटल कॉपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके साथ ही सुनवाई के लिए ई-हियरिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे पक्षकारों को अदालत आने की जरूरत कम होगी.

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फाइलिंग से लेकर फैसला, सब ऑनलाइन

इस प्लेटफॉर्म पर केस की पूरी प्रगति यानि फाइलिंग से लेकर फैसला आने तक, एक ही जगह दिखाई देगी. रेलवे के अनुसार यह सिस्टम न केवल समय बचाएगा, बल्कि मामलों के निपटारे को पारदर्शी और भरोसेमंद भी बनाएगा. अधिकारियों का मानना है कि e-RCT सिस्टम से पेंडेंसी घटेगी और आम जनता को वास्तविक रूप से आसानी मिलेगी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त चेतावनी

इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा पर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म्स को अब जागना होगा और यह समझना होगा कि मानव समाज ने हजारों वर्षों में जिन संस्थाओं का निर्माण किया है, उनमें विश्वास को मजबूत करना कितना महत्वपूर्ण है. प्लेटफॉर्म्स को अपने यहां होस्ट किए जा रहे कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी होगी. बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सभी नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इन्हीं प्लेटफॉर्म्स की है.

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AI और सिंथेटिक कंटेंट पर नया नियम

डिजिटल इंडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए रेल मंत्री ने साफ किया कि यदि प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा.
किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज़ या व्यक्तित्व का उपयोग करके बिना उसकी अनुमति के सिंथेटिक कंटेंट तैयार नहीं किया जाना चाहिए. अब समय आ गया है कि इस दिशा में एक बड़ा बदलाव लाया जाए. मैं प्लेटफॉर्म्स से आग्रह करता हूं कि वे समाज की इस बुनियादी आवश्यकता को समझें और सहयोग करें.

First published on: Feb 26, 2026 01:01 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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