ईरान-इजरायल युद्ध के बीच के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से फोन पर बात की और मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के बीच दोनों देशों पर हुए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कल्याण पर चर्चा की. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान-इजराइल युद्ध ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, और वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं.
PM Modi spoke to two important leaders from the Gulf region this afternoon. He had a phone call with Sultan of Oman, Sultan Haitham bin Tarik. He also had a conversation with Crown Prince of Kuwait, Sheikh Sabah Al-Khaled Al-Hamad Al-Mubarak Al-Sabah.
During both discussions,… pic.twitter.com/c0EWhMofLc---विज्ञापन---— ANI (@ANI) March 3, 2026
ओमान के सुल्तान से बातचीत: सुरक्षा और सहयोग पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से टेलीफोन पर चर्चा की. इस बातचीत में उन्होंने ओमान पर हुए हमलों की निंदा की और देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात दोहराई. साथ ही, दोनों नेताओं ने भारतीय समुदाय की भलाई पर विचार-विमर्श किया. ओमान भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है, और यह बातचीत दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को और मजबूत करने का संकेत देती है.
कुवैत के क्राउन प्रिंस के साथ संवाद
इसके बाद पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमाद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की. यहां भी फोकस हमलों पर चिंता और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर रहा. कुवैत में भारतीय कामगारों की बड़ी संख्या को देखते हुए, पीएम ने आवश्यक सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया. यह चर्चा मध्य पूर्व में भारत की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति को प्रतिबिंबित करती है, जहां भारत क्षेत्रीय शांति के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
गौरतलब है कि ओमान में करीब 7 लाख और कुवैत में लगभग 10 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो इन देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं. ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से वहां काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के परिवारों में चिंता बनी हुई है.










