ईरान जंग की वजह से विश्व में गहराए संकट के बीच पीएम मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार देशवासियों से अपील की है कि कम से कम पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें. साथ ही पीएम मोदी ने वर्क फ्रोम होम और स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देने की भी अपील की है. पीएम मोदी ने ताजा अपील वडोदरा में एक रैली को संबोधित करते हुई की.
उन्होंने कहा, ‘आज समय की मांग है कि हम ‘वोकल फॉर लोकल’ को एक जन-आंदोलन बनाएं. विदेशी सामान की जगह, लोकल उत्पादों को अपनाएं. अपने गांव, अपने शहर, अपने देश के उद्यमियों को ताकत दें. सोने की आयात पर भी देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है. इसलिए, मैं आप सभी से, देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक हालात सामान्य न हो, हम सोने की खरीद को टालें.’
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पेट्रोल-डीजल को लेकर अपील
पीएम मोदी ने कहा कि मेरी देश के हर नागरिक से अपील है कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें. मेट्रो का उपयोग करें, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें, कार पुलिंग को बढ़ावा दें. जिनके पास कार है, वो एक गाड़ी में ज्यादा लोगों को साथ लेकर चलें.
#WATCH | Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "… I appeal to every citizen of my country to reduce the use of petrol-diesel as much as possible. Use the metro, make greater use of electric buses and public transport, and promote carpooling. Those who have a car should… pic.twitter.com/85GGOgBh2W
— ANI (@ANI) May 11, 2026
WFH को लेकर क्या बोले?
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतना कुछ आसान बना दिया है कि टेक्नोलॉजी की मदद भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद होगी. ये जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों ही दफ्तरों में वर्चुअल मिटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम की प्राथमिकता दी जाए.
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साथ ही उन्होंने कहा कि पहले के दशकों में भी जब-जब देश युद्ध या किसी और अन्य बड़े संकट से गुजरा है, सरकार की अपील पर हर नागरिक ने ऐसे ही अपना दायित्व निभाया है. आज भी जरूरत है कि हम सब मिलकर अपना दायित्व निभाएं. देश के संसाधनों पर पड़ने वाले बोझ को कम करें. हमें हर छोटे-बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उपयोग कम करना है, जो विदेश से आते हैं और ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है जिसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो.
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कोरोना जैसा संकट – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है. पहले कोरोना का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां, और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव. इन सारी परिस्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है. अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी. तो पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी परिस्थितियां, इस दशक के बड़े संकटों में से एक है. जब हमने मिलकर कोरोना का मुकाबला कर लिया तो इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे. सरकार भी लगातार ये प्रयास कर रही है, कि देश के लोगों पर इसका कम से कम असर हो.










