प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दंडवत प्रणाम कर पूजा-अर्चना की. यह दौरा तब हुआ जब तिरुपरंकुंड्रम पहाड़ी पर 'दीपा थून' पर दीपक जलाने को लेकर कानूनी विवाद चरम पर पहुंचा हुआ है. मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक भक्तों को पहाड़ी की चोटी पर स्थित दीपा थून पर अनुष्ठानिक दीपक जलाने की अनुमति है, लेकिन डीएमके सरकार ने इस आदेश का विरोध किया, जबकि भाजपा ने भक्तों का साथ दिया.
राजनीतिक नजरिए से देखी जा रही ये यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की इस मंदिर यात्रा को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है. यहां एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को चुनौती दे रहा है, जबकि विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.
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'विकसित तमिलनाडु से विकसित भारत'
मदुरै में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 'विकसित तमिलनाडु से विकसित भारत' का नारा दिया और राज्य में समावेशी विकास के लिए केंद्र का पूरा समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें मारक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन ऑफ एनएच-332ए का फोर-लेनिंग और परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन ऑफ एनएच-87 शामिल हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं तीर्थयात्रियों की यात्रा को आसान बनाएंगी और कृषि तथा समुद्री उत्पादों की ढुलाई को सुगम करेंगी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'तमिलनाडु एक तटीय राज्य है और इसमें अपार संभावनाएं हैं. लेकिन जब कांग्रेस और डीएमके पहले सत्ता में थीं, तब वे निष्क्रिय थीं. मदुरवॉयल कॉरिडोर रुका हुआ था, थूथुकुडी ट्रांस शिपमेंट सिर्फ कागजों पर ही रह गया था. 2014 के बाद हमें चेन्नई बंदरगाह मिला. हमने बंदरगाह और मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर को पुनर्जीवित किया. हमने कामराजा और चेन्नई बंदरगाह को एकीकृत करके भारत का पहला मेगा पोर्ट क्लस्टर बनाया.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दंडवत प्रणाम कर पूजा-अर्चना की. यह दौरा तब हुआ जब तिरुपरंकुंड्रम पहाड़ी पर ‘दीपा थून’ पर दीपक जलाने को लेकर कानूनी विवाद चरम पर पहुंचा हुआ है. मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक भक्तों को पहाड़ी की चोटी पर स्थित दीपा थून पर अनुष्ठानिक दीपक जलाने की अनुमति है, लेकिन डीएमके सरकार ने इस आदेश का विरोध किया, जबकि भाजपा ने भक्तों का साथ दिया.
राजनीतिक नजरिए से देखी जा रही ये यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की इस मंदिर यात्रा को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है. यहां एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को चुनौती दे रहा है, जबकि विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.
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‘विकसित तमिलनाडु से विकसित भारत’
मदुरै में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित तमिलनाडु से विकसित भारत’ का नारा दिया और राज्य में समावेशी विकास के लिए केंद्र का पूरा समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें मारक्कनम-पुडुचेरी सेक्शन ऑफ एनएच-332ए का फोर-लेनिंग और परमकुडी-रामनाथपुरम सेक्शन ऑफ एनएच-87 शामिल हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं तीर्थयात्रियों की यात्रा को आसान बनाएंगी और कृषि तथा समुद्री उत्पादों की ढुलाई को सुगम करेंगी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘तमिलनाडु एक तटीय राज्य है और इसमें अपार संभावनाएं हैं. लेकिन जब कांग्रेस और डीएमके पहले सत्ता में थीं, तब वे निष्क्रिय थीं. मदुरवॉयल कॉरिडोर रुका हुआ था, थूथुकुडी ट्रांस शिपमेंट सिर्फ कागजों पर ही रह गया था. 2014 के बाद हमें चेन्नई बंदरगाह मिला. हमने बंदरगाह और मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर को पुनर्जीवित किया. हमने कामराजा और चेन्नई बंदरगाह को एकीकृत करके भारत का पहला मेगा पोर्ट क्लस्टर बनाया.’