राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम’के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन की 20 साल की ऐतिहासिक यात्रा को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि 2006 में जब ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी, तब इसमें सिर्फ चार देश शामिल थे. आज ब्रिक्स सदस्यों और साझेदार देशों को मिलाकर यह परिवार बढ़कर 21 देशों का हो चुका है. पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है. उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के सामने तीन ठोस प्रस्ताव रखे. सदस्य देशों के बीच मौजूद शीर्ष 10 व्यापारिक बाधाओं को हटाने पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए.
हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार करने के लिए सहयोग दिया जाए. सदस्य देशों के व्यापारियों और कंपनियों के बीच 1,000 नई साझेदारियां बनाई जाएं. पीएम ने सुझाव दिया कि हर साल इन तीनों पैमानों पर हुई प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए, ताकि ब्रिक्स के संकल्पों को ठोस नतीजों में बदला जा सके.
महिला उद्यमिता और समुद्री सुरक्षा पर जोर
दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक प्रतिबंधों के बीच पीएम ने कहा कि भारत आर्थिक पुल बना रहा है और सुरक्षित समुद्री व्यापार का प्रबल समर्थक है. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक व्यापार की प्रगति तभी संभव है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें, सप्लाई चेन खुली रहे और नाविक सुरक्षित हों. इसके साथ ही उन्होंने महिला उद्यमियों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि भारत में आयोजित ब्रिक्स विमेंस बिजनेस अलायंस की बैठक में करीब 200 महिला बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया, जो समावेशी विकास का प्रमाण है.
भारत के करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भारत का रुख स्पष्ट किया. प्रधानमंत्री ने देश की खुली व्यापार नीति का जिक्र करते हुए बताया कि साल 2014 के बाद से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत की सोच हमेशा से व्यापारिक रुकावटों को कम करने और कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करने की रही है. इसी सोच के तहत भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कई अहम क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क तैयार किए हैं.
स्टार्टअप्स और MSME के लिए बड़े मंच
छोटे उद्योगों और नए उद्यमियों को मजबूत बनाने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को बड़े बाजारों और वित्त से जोड़ना बेहद जरूरी है. इसके लिए भारत ने ब्रिक्स के तहत कई ठोस कदम उठाए हैं. पीएम मोदी ने फोरम में मौजूद सभी प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से इन व्यवस्थाओं का पूरा फायदा उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इन पहलों की मदद से ब्रिक्स देशों के बीच निवेश बढ़ेगा और बेहतरीन टैलेंट का आदान-प्रदान और अधिक आसान हो सकेगा.
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