Pawan Hans helicopter Crash: पवन हंस कंपनी का एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी के कारण अंडमान सागर में इमरजेंसी क्रैश लैंडिंग करने पर मजबूर हो गया. राहत भरी खबर यह है कि हादसे के तुरंत बाद चलाए गए बचाव अभियान में सभी 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, इनमें 5 यात्री और 2 क्रू मेंबर बताए जा रहे हैं. ताजा अपडेट के अनुसार मायाबंदर के डॉ. आरपी अस्पताल में भर्ती सभी यात्रियों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. दोनों पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलिकॉप्टर को आबादी वाले इलाके के बजाय पानी में उतारने का प्रयास किया, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान टल गया.
उड़ान भरते ही समंदर में क्रैश हो गया पवन हंस हेलिकॉप्टर
— News24 (@news24tvchannel) February 24, 2026
◆ हेलिकॉप्टर में सवार सभी 7 लोग सुरक्षित
◆ तकनीकी खराबी की वजह से हेलिकॉप्टर की समंदर में क्रैश लैंडिंग करवानी पड़ी
◆ हेलिकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था
◆ (ANI से मिली जानकारी)#PawanHans | Pawan Hans |… pic.twitter.com/I6B04hsbV0
उड़ान भरने ही पायलट को पता चली तकनीकी खामी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहे पवन हंस कंपनी के हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने के तुरंत बाद पायलट को तकनीकी खामी का पता चला. पायलट ने सूझ-बूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को अंडमान सागर में नियंत्रित तरीके से शॉर्ट लैंडिंग कराई. जानकारी मिलते ही तुरंत बचाव दल मौके पर पहुंचे. सभी 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पवन हंस के आधिकारिक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कोई मौत या गंभीर घायल नहीं है. सिर्फ मामूली चोटें आई हैं.
यात्रियों की पहचान रजिता देवी और उनका बच्चा, कमल चौधरी दास, शिप्रा साहा और नम्बी अम्मा के रूप में हुई है. इन सभी को प्राथमिक उपचार के लिए मायाबंदर के डॉ. आरपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. दोनों पायलट भी पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
पवन हंस ने जारी किया आधिकारिक बयान
घटना के बाद पवन हंस कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी किया. प्रवक्ता ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था. आज सुबह 9:30 बजे मायाबंदर के पास एक शॉर्ट लैंडिंग घटना हुई. हेलीकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से उड़ा था, जिसमें 2 क्रू और 5 पैसेंजर्स थे. सभी को बचा लिया गया है, यह घटना जरा-सा भी गंभीर हो सकती थी, लेकिन पायलट की बहादुरी और त्वरित बचाव कार्य से बड़ा हादसा टल गया. जांच जारी है कि तकनीकी खराबी का सटीक कारण क्या था.










