आर्मी चीफ ने सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
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भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर की घोषणा की गई है। इसके बाद भी शनिवार रात को बॉर्डर से सटे कई इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमला किया गया। इसके बाद MEA की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस कर बताया गया कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है और स्पष्ट किया कि वह ठोस और सख्त कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी बीच आर्मी चीफ ने रविवार को पश्चिमी सीमाओं के सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
क्या कहा इंडियन चीफ ने?
ऑपरेशन सिंदूर के चौथे दिन 10-11 मई 2025 की रात को पाकिस्तान द्वारा सीजफायर और हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के बाद आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को पश्चिमी सीमाओं के सेना कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने सेना कमांडरों को 10 मई 2025 की डीजीएमओ वार्ता के माध्यम से बनी सीजफायर की सहमति के किसी भी उल्लंघन के लिए गतिज क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई के लिए पूर्ण अधिकार प्रदान किया है।
इंडियन आर्मी ने यह जानकारी अपने आधाकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए दी। इंडियन आर्मी ने इस पोस्ट को रक्षा मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, इंडियन आर्मी के नॉर्थन कमांड, इंडियन आर्मी के वेस्टर्न कमांड, इंडियन आर्मी के साउथ वेस्टर्न कमांड और इंडियन आर्मी के साउथ कमान पुणे को टैग किया है।
सीजफायर की घोषणा के 3 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने किया उल्लंघन
बता दें कि शनिवार (10 अप्रैल) को शाम 5 बजे से भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा होने के करीब 3 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन कर दिया। पाकिस्तान ने सीमा पर फायरिंग शुरू कर दी थी। काफी देर तक पाकिस्तान ने सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया। इसके बाद रात 10:55 बजे विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिसरी ने स्थिति को लेकर जानकारी दी।
ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी: IAF
वहीं, पाकिस्तान से सीजफायर के बाद भारतीय वायु सेना (IAF) ने रविवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। IAF ने कहा कि हमने इस ऑपरेशन के लक्ष्य को पूरा किया है। वायु सेना के बयान में कहा गया, 'भारतीय वायुसेना (IAF) ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सौंपे गए सभी काम सटीकता और जिम्मेदारी के साथ सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। यह अभियान सोच-समझकर और सावधानी से चलाया गया, जो देश के हितों के अनुसार था। चूंकि यह अभियान अभी जारी है, इसलिए इसकी पूरी जानकारी जल्द ही दी जाएगी।' वायुसेना ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं।